कर्पूर गौरम करुणावतारम मंत्र (जिसे अक्सर karpur gauram karunavtaram mantra lyrics या karpur gauram mantra से सर्च किया जाता है) भगवान शिव की सबसे सुंदर और लोकप्रिय स्तुति है। यह पारंपरिक संस्कृत श्लोक है जो यजुर्वेद से जुड़ा माना जाता है, और विभिन्न भक्ति albums में गाया जाता है जैसे Nirmalya Roy, Abhilipsa Panda, Rahul Vaidya, या Tina Malia के versions में। कोई स्पेसिफिक movie से नहीं जुड़ा, बल्कि शुद्ध devotional/spiritual genre में आता है composer/lyricist पारंपरिक (traditional ancient shloka)।
यह मंत्र पूरी तरह spirituality और divine love से भरा है भावना करुणा, शुद्धता, और हृदय में निवास करने वाले शिव-पार्वती की है। मुख्य संदेश: भगवान शिव को नमन करना, जो कर्पूर जैसे शुद्ध सफेद, करुणा के अवतार, संसार के सार, और सर्पों के राजा को हार बनाने वाले हैं। Imagery बहुत vivid है कर्पूर की सफेदी (शुद्धता और detachment), करुणा का रूप, भुजगेन्द्र हार (सर्पों पर विजय और संतुलन), और हृदय के कमल में हमेशा वास (आंतरिक शांति और joy of divine presence)। शब्द सरल लेकिन गहन हैं, repetition और rhythm से मन शांत होता है और भक्ति बढ़ती है यह joy, spirituality, और unconditional love से जुड़ा है।
Overview: Karpur Gauram Karunavtaram Mantra
| Aspect | Details |
|---|---|
| Mantra/Shlok Title | Karpur Gauram Karunavtaram Mantra (कर्पूर गौरम करुणावतारम) |
| Singer | Various (Popular: Nirmalya Roy, Abhilipsa Panda, Rahul Vaidya) |
| Composer | Traditional (Ancient Vedic) |
| Lyricist | Traditional (संस्कृत श्लोक) |
| Album/Collection | Devotional albums like Shiv Bhajans, Morning Shiv Bhajans, etc. |
| Genre | Sanskrit Devotional / Shiva Stotra / Bhakti Mantra |
Karpur Gauram Karunavtaram Mantra Lyrics in Hindi (देवनागरी में)
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि।।
मंगलम भगवान् विष्णु
मंगलम गरुड़ध्वजः |
मंगलम पुन्डरी काक्षो
मंगलायतनो हरि ||
सर्व मंगल मांग्लयै शिवे सर्वार्थ साधिके |
शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते ||
त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव बंधू च सखा त्वमेव
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देव देव
कायेन वाचा मनसेंद्रियैर्वा
बुध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात
करोमि यध्य्त सकलं परस्मै
नारायणायेति समर्पयामि ||
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारे
हे नाथ नारायण वासुदेव |
जिब्हे पिबस्व अमृतं एत देव
गोविन्द दामोदर माधवेती ||
Karpur Gauram Karunavtaram Mantra Lyrics in English
Karpuragauraṃ Karuṇāvatāraṃ Saṃsārasāraṃ Bhujagendrahāram |
Sadā Basantaṃ Hṛdayārabinde Bhavaṃ Bhavānīsahitaṃ Namāmi ||
Maṅgalaṃ Bhagavān Viṣṇu
Maṅgalaṃ Garuḍadhvajaḥ |
Maṅgalaṃ Puṇḍarī Kākṣo
Maṅgalāyatano Hari ||
Sarva Maṅgala Māṅgalye Śive Sarvārtha Sādhike |
Śaraṇye Tryambake Gaurī Nārāyaṇī Namostute ||
Tvameva Mātā Ca Pitā Tvameva
Tvameva Bandhū Ca Sakhā Tvameva
Tvameva Vidyā Draviṇaṃ Tvameva
Tvameva Sarvaṃ Mama Deva Deva
Kāyena Vācā Manasendriyairvā
Budhyātmanā Vā Prakṛteḥ Svabhāvāt
Karomi Yadyat Sakalaṃ Parasmai
Nārāyaṇāyeti Samarpayāmi ||
Śrī Kṛṣṇa Govinda Hare Murāre
He Nātha Nārāyaṇa Vāsudeva |
Jibhe Pibasva Amṛtaṃ Eta Deva
Govinda Dāmodara Mādhavetī ||
पूर्ण अर्थ: मैं उस भगवान शिव को नमस्कार करता हूँ जो कर्पूर की तरह गौर वर्ण वाले, करुणा के अवतार, संसार के सार, सर्पराज को हार धारण करने वाले, और हृदय के कमल में हमेशा निवास करने वाले हैं पार्वती सहित।
ये शब्द शिव की महिमा को इतनी सुंदरता से बयान करते हैं कि सुनते ही मन में शांति और भक्ति का भाव जागता है। Musical versions में soothing melody, harmonium, flute, और soft vocals से impact और बढ़ जाता है जैसे Nirmalya Roy या Abhilipsa Panda की आवाज़ में devotional depth आती है। Vocal performance में serenity और power दोनों महसूस होता है, जो meditation या puja के लिए perfect है।
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कर्पूर गौरम करुणावतारम मंत्र (Karpur Gauram Karunavtaram Mantra) का जप और लाभ
यह मंत्र भगवान शिव की सबसे प्रिय और शक्तिशाली स्तुति है। इसे karpur gauram karunavtaram mantra या karpur gauram mantra के नाम से जाना जाता है। नियमित जप से मन की शांति, एकाग्रता और शिव कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं इसे कैसे जपें और क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
जप कैसे करें (Karpur Gauram Karunavtaram Mantra Reciting Method)
- समय: सुबह सूर्योदय या शाम को शांत समय चुनें। महाशिवरात्रि, सोमवार या सावन में विशेष फल मिलता है। आरती के बाद इसे जरूर पढ़ें या जपें।
- तैयारी: स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें। शिवलिंग या शिव की तस्वीर सामने रखें। अगरबत्ती, दीपक और फूल चढ़ाएं। रुद्राक्ष की माला से जप करें।
- विधि:
- पूर्व या उत्तर दिशा में बैठें, रीढ़ सीधी रखें।
- आँखें बंद करके “ॐ नमः शिवाय” 3-11 बार जपें।
- फिर मंत्र का उच्चारण साफ और भावपूर्ण करें: कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि।।
- संख्या: रोज़ कम से कम 11, 21 या 108 बार (एक माला) जपें। शुरुआत में 11 बार से शुरू करें।
- अंत में “हर हर महादेव” या “ॐ नमः शिवाय” बोलकर समाप्त करें।
- नियम: मन में कोई कामना या भय न रखें, सिर्फ श्रद्धा से जपें। मांस-मदिरा से दूर रहें।
लाभ (Karpur Gauram Karunavtaram Mantra Benefits )
- मानसिक शांति और एकाग्रता: जप से मन शांत होता है, तनाव और नकारात्मक विचार दूर होते हैं। एकाग्रता बढ़ती है, ध्यान आसान होता है।
- परेशानियों से मुक्ति: रोज़ जप करने से जीवन की मुश्किलें और बाधाएँ कम होती हैं। शिव की कृपा से चुनौतियों का सामना आसानी से होता है।
- भय और मृत्यु का डर दूर: शिव श्मशानवासी हैं, इस मंत्र से मृत्यु भय खत्म होता है और सुरक्षा मिलती है।
- शिव प्रसन्नता और कृपा: उच्चारण मात्र से महादेव प्रसन्न होते हैं। पूजा में कोई कमी रह जाए तो इस मंत्र से पूर्ति होती है।
- आध्यात्मिक विकास: हृदय में शिव-पार्वती का वास महसूस होता है। भक्ति बढ़ती है, आनंद और संतोष मिलता है।
- नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा: वातावरण शुद्ध होता है, दुश्मन या नेगेटिव प्रभाव कम होते हैं।
ये लाभ शिव पुराण, यजुर्वेद और भक्तों के अनुभवों पर आधारित हैं। karpur gauram karunavtaram lyrics जपने से मन में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है रोज़ 5-10 मिनट भी काफी हैं।
जय भोलेनाथ! नियमित जप से जीवन में करुणा और शांति आएगी। हर हर महादेव!
Disclaimer: यह श्लोक प्राचीन पारंपरिक है, KavitaKosh, Shlokam.org, Green Message जैसे verified sources से लिया गया। विभिन्न गायन versions में pronunciation या minor style variations हो सकते हैं, लेकिन मूल श्लोक यही है।
karpur gauram karunavtaram lyrics या karpur gauram mantra रोज़ जपने से मन की अशांति दूर होती है और शिव कृपा प्राप्त होती है।
? FAQs About Karpur Gauram Karunavtaram Mantra
कर्पूर गौरम करुणावतारम मंत्र का अर्थ क्या है?
यह शिव की स्तुति है कर्पूर जैसे शुद्ध, करुणा के रूप, संसार के सार, और हृदय में वास करने वाले शिव-पार्वती को नमस्कार।
इस मंत्र को कितनी बार जपना चाहिए?
रोज़ 11, 21, 108 बार या महाशिवरात्रि पर ज्यादा भक्ति से जपें।
यह मंत्र किसके लिए फायदेमंद है?
शांति, भक्ति बढ़ाने, नकारात्मकता दूर करने, और आध्यात्मिक विकास के लिए।
क्या यह किसी फिल्म या album का हिस्सा है?
नहीं, पारंपरिक श्लोक है, लेकिन कई devotional albums और YouTube भजन में गाया जाता है।
