Om krishnaya vasudevaya haraye paramatmane mantra या krishnaya vasudevaya mantra भगवान श्रीकृष्ण की एक बहुत शक्तिशाली और हृदयस्पर्शी स्तुति है। यह पारंपरिक संस्कृत श्लोक है जो भक्ति संगीत में गाया जाता है, जैसे Manoj Mishra, Ashwani Sahdev, Shruti Pandya या Amrita Chaturvedi के versions में। Lyrics पारंपरिक हैं (lyricist traditional, ancient devotional text से), composer devotional arrangers (जैसे Subhash Jena या label producers), और यह विभिन्न Krishna Bhakti albums या compilations में उपलब्ध है कोई स्पेसिफिक movie नहीं, बल्कि शुद्ध भक्ति/स्पिरिचुअल genre में।
यह मंत्र पूरी तरह spirituality, divine love और inner peace से जुड़ा है। भावना समर्पण, क्लेश नाश और कृष्ण की कृपा की है। मुख्य संदेश: भगवान कृष्ण को विभिन्न नामों से नमन करना वे परमात्मा हैं, क्लेश (दुख, पाप) नाश करने वाले, और भक्तों के रक्षक। Imagery में कृष्ण के नाम जैसे कृष्ण (आकर्षक), वासुदेव (वासुदेव पुत्र), हरि (दुख हरने वाले), परमात्मा (सर्वव्यापी आत्मा), गोविंद (गोपाल, भक्तों के रक्षक) हैं ये सब कृष्ण की दिव्य लीलाओं और करुणा को दर्शाते हैं। शब्द सरल लेकिन गहन, repetition से मन में भक्ति और joy का भाव जागता है।
Overview
| Aspect | Details |
|---|---|
| Song Title | Om Krishnaya Vasudevaya Haraye Paramatmane Mantra (ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने मंत्र) |
| Singer | Various (Popular: Manoj Mishra, Ashwani Sahdev, Shruti Pandya) |
| Composer | Traditional / Devotional arrangers |
| Lyricist | Traditional (संस्कृत श्लोक) |
| Album/Collection | Krishna Bhakti albums, devotional chants compilations |
| Genre | Hindi/Sanskrit Devotional / Krishna Mantra / Bhakti |
Om Krishnaya Vasudevaya Haraye Paramatmane Mantra Lyrics in Hindi
ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने ।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः ॥
(यह मुख्य श्लोक है, जो जप में बार-बार दोहराया जाता है 108 बार या ज्यादा।)
Om Krishnaya Vasudevaya Haraye Paramatmane Mantra Lyrics in English
Om Krishnaya Vasudevaya Haraye Paramatmane ।
Pranatah Kleshanashaya Govindaya Namo Namah ॥
Om Krishnaya Vasudevaya Haraye Paramatmane Mantra Meaning in Hindi & English
- ॐ (Om): प्रणव, ब्रह्म का प्रतीक
- कृष्णाय (Krishnaya): कृष्ण को (आकर्षक, सर्वव्यापी)
- वासुदेवाय (Vasudevaya): वासुदेव पुत्र को (देवकी-वासुदेव के पुत्र)
- हरये (Haraye): हरि को (दुख हरने वाले)
- परमात्मने (Paramatmane): परमात्मा को (सर्वोच्च आत्मा)
- प्रणतः (Pranatah): प्रणत (झुके हुए, समर्पित)
- क्लेशनाशाय (Kleshanashaya): क्लेश (दुख, पाप) नाश करने वाले को
- गोविंदाय (Govindaya): गोविंद को (गोपाल, भक्तों के रक्षक)
- नमो नमः (Namo Namah): बार-बार नमस्कार
पूर्ण अर्थ: हे कृष्ण, वासुदेव पुत्र, हरि, परमात्मा हम प्रणत होकर आपके समक्ष झुकते हैं। क्लेश नाश करने वाले गोविंद को बार-बार नमस्कार।
ये शब्द भक्ति की गहराई बढ़ाते हैं नामों का जाप क्लेश दूर करता है, मन को कृष्ण से जोड़ता है। Musical versions में soothing melody, flute, harmonium और soft vocals से impact और बढ़ता है Manoj Mishra की आवाज़ में devotional depth आती है।
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मंत्र जप कैसे करें
- समय: सुबह सूर्योदय या शाम को शांत समय। जन्माष्टमी, गुरुवार या रोजाना विशेष फल। सोने से पहले जपने से भी बहुत लाभ।
- तैयारी: स्नान कर स्वच्छ रहें। कृष्ण की तस्वीर या मूर्ति सामने रखें। अगरबत्ती-दीपक जलाएं। रुद्राक्ष या तुलसी माला से जप करें।
- विधि: पूर्व/उत्तर दिशा में बैठें। मन शांत रखें। ॐ से शुरू कर मंत्र उच्चारण करें। रोज़ कम से कम 108 बार (एक माला) जपें। शुरुआत में 11 या 21 बार से शुरू कर सकते हैं।
- नियम: श्रद्धा से जपें, मन में कोई कामना न रखें। मांस-मदिरा से दूर रहें। जप के बाद “जय श्रीकृष्ण” या “राधे राधे” बोलें।
मंत्र जप के लाभ
यह मंत्र क्लेश नाशक है भक्तों के अनुभव और भक्ति परंपरा के अनुसार:
- सभी संकट और क्लेश से मुक्ति: जीवन की मुश्किलें, बाधाएँ, दुख और विपत्तियाँ दूर होती हैं। भयानक संकट भी जल्दी खत्म हो जाते हैं।
- मानसिक शांति और तनाव मुक्ति: चिंता, अशांति, बेचैनी, ओवरथिंकिंग और डर कम होता है। मन शांत और स्थिर रहता है।
- नकारात्मक ऊर्जा और पाप नाश: पाप, नेगेटिविटी और क्लेश (दुख के कारण) नष्ट होते हैं। मन शुद्ध होता है।
- भक्ति और समर्पण बढ़ना: कृष्ण के प्रति प्रेम, भक्ति और उद्देश्यपूर्ण जीवन का भाव जागता है। आध्यात्मिक प्रगति तेज होती है।
- रक्षा और सुरक्षा: कृष्ण की कृपा से हर प्रकार के खतरे से बचाव। सोने से पहले जपने से रात अच्छी गुजरती है और सपने सकारात्मक आते हैं।
- सुख-समृद्धि और आंतरिक आनंद: परिवार में सुख आता है, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। मोक्ष या विष्णु लोक प्राप्ति की दिशा में मदद मिलती है।
Disclaimer:
ये lyrics और जानकारी पारंपरिक भक्ति ग्रंथों, पुराणों तथा विश्वसनीय devotional sources से ली गई हैं। विभिन्न recordings या क्षेत्रीय परंपराओं में उच्चारण, repetition या minor variations हो सकते हैं, लेकिन मूल अर्थ और भाव एक ही रहता है। यह सामग्री केवल आध्यात्मिक और भक्ति उद्देश्य से है, किसी चिकित्सकीय, कानूनी या वैज्ञानिक सलाह के रूप में नहीं। जप या पूजा से पहले योग्य गुरु या विद्वान से मार्गदर्शन लें।
Krishnaya vasudevaya mantra या Om krishnaya vasudevaya haraye paramatmane mantra जप से क्लेश नाश, पाप मुक्ति, भक्ति बढ़ना और मोक्ष प्राप्ति के लाभ मिलते हैं। इतिहास में यह शिव-पार्वती संवाद से जुड़ा माना जाता है, जहां शिव ने पार्वती को क्लेश नाश के लिए सिखाया।
अंतिम विचार
ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने मंत्र केवल शब्दों का संग्रह नहीं है यह एक जीवंत पुल है जो भक्त के हृदय को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य कृपा से जोड़ता है। इस मंत्र में कृष्ण के वे सभी नाम छिपे हैं जो उनके स्वरूप को पूर्ण करते हैं: आकर्षक कृष्ण, वासुदेव पुत्र, दुख हरने वाले हरि, सर्वव्यापी परमात्मा, और भक्तों के सच्चे रक्षक गोविंद।
जब हम इस मंत्र का जप करते हैं, तो सिर्फ होंठ नहीं हिलते मन, प्राण और आत्मा भी कृष्ण के चरणों में समर्पित हो जाते हैं। क्लेश नाश होता है, मन की अशांति शांत हो जाती है, और जीवन में एक गहरा विश्वास जागता है कि “सब कुछ कृष्ण के हाथ में है”।
रोज़ाना कुछ पल इस मंत्र को दोहराने से जीवन में छोटी-छोटी परेशानियाँ भी हल्की लगने लगती हैं, क्योंकि गोविंद हर क्लेश हर लेते हैं। यह मंत्र याद दिलाता है कि हम अकेले नहीं हैं हमारे साथ वही कृष्ण हैं जो गोपियों के साथ रास रचाते थे, अर्जुन को गीता सुनाते थे, और आज भी हर भक्त के हृदय में वास करते हैं।
तो आज से ही शुरू करें सुबह उठते ही, रात सोने से पहले, या जब भी मन उदास हो बस इतना कह दें: ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने… प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः।
राधे राधे! जय श्रीकृष्ण! हर क्लेश में गोविंद साथ हैं बस पुकारो, वे सुनते हैं।
? FAQs
ओम कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने मंत्र का अर्थ क्या है?
यह कृष्ण को विभिन्न नामों से नमन है क्लेश नाश करने वाले गोविंद को समर्पण।
इस मंत्र को कितनी बार जपना चाहिए?
रोज़ 108 बार (एक माला) या ज्यादा सुबह-शाम या जन्माष्टमी पर विशेष।
इस मंत्र के लाभ क्या हैं?
क्लेश, पाप नाश, मन की शांति, भक्ति बढ़ना, और विष्णु लोक प्राप्ति।
यह मंत्र किससे जुड़ा है?
भगवान कृष्ण की स्तुति, पारंपरिक भक्ति ग्रंथों से।
राधे राधे! अगर आप भी रोज़ इस om krishnaya vasudevaya haraye paramatmane mantra का जप शुरू करेंगे, तो क्लेश दूर होकर शांति और कृपा प्राप्त होगी। जय श्रीकृष्ण!
