Shri shivaya namastubhyam mantra भगवान शिव की असीम कृपा का द्वार खोलता है। यह सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली मंत्र शिव पुराण से प्रेरित है और ज्योतिर्लिंग स्तोत्र के साथ मिलकर भक्तों को सप्तजन्मों के पापों से मुक्ति प्रदान करता है। कई भक्त इसे महामृत्युंजय मंत्र के समान शक्तिशाली मानते हैं, जहां एक बार जाप से हजारों महामृत्युंजय का फल प्राप्त होता है।
यह मंत्र Suresh Wadkar की मधुर और devotional आवाज में गाया गया है, संगीत Chandrakanta Vishwakarma ने दिया है। गीतकार पारंपरिक हैं, क्योंकि यह प्राचीन स्तोत्र है। यह किसी विशेष फिल्म से नहीं जुड़ा, बल्कि devotional chants और शिव भजनों के एल्बम में शामिल है, जैसे Sundrani लेबल से जारी single और विभिन्न 108 times versions में लोकप्रिय।
हर भक्त के लिए यह मंत्र न केवल जाप का माध्यम है, बल्कि जीवन की हर चुनौती में महादेव की साक्षात् उपस्थिति का अनुभव कराता है – जहां श्रद्धा से जपने पर रोग, शोक, बाधा और विपत्ति का नाश होकर शिव भक्ति और भी दृढ़ हो जाती है।
Overview: Shri Shivaya Namastubhyam Mantra
| Aspect | Details |
|---|---|
| Mantra Title | Shri Shivaya Namastubhyam |
| Singer | Suresh Wadkar |
| Composer | Chandrakanta Vishwakarma |
| Lyricist | Traditional (Shiv Purana inspired) |
| Album | Devotional Chants / Shiv Bhajans |
| Genre | Spiritual / Devotional |
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई जानकारी पूरी तरह से आध्यात्मिक, धार्मिक और भक्ति उद्देश्य से तैयार की गई है। Shri Shivaya Namastubhyam mantra, ज्योतिर्लिंग स्तोत्र, जाप विधि, लाभ और अन्य विवरण प्राचीन ग्रंथों (जैसे शिव महापुराण), पारंपरिक मान्यताओं तथा भक्तों के अनुभवों पर आधारित हैं।
“श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” अर्थ (Word by Word Meaning)
- श्री : शुभता, समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक।
- शिवाय : शिव को (भगवान शिव के लिए दातिवाचक)।
- नमस्तुभ्यं : आपको नमस्कार है (पूर्ण समर्पण और प्रणाम)।
यह मंत्र “हे भगवान शिव, आपको बार-बार नमस्कार” का भाव रखता है, जो पूर्ण श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करता है।
Shree Shivay Namastubhyam Mantra Lyrics in Hindi
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकालमोमकारममलेश्वरम्॥
परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।
सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥
वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।
हिमालये तु केदारं घुष्मेशं च शिवालये॥
एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः।
सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
आकाशे तारकं लिंगं पाताले हाटकेश्वरम्।
मृत्युलोके महाकालं त्रियलिंगं नमोऽस्तु ते॥
कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय।
तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय॥
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
Shri Shivay Namastubhyam Mantra Lyrics in English
Shree Shivay Namastubhyam
Shree Shivay Namastubhyam
Shree Shivay Namastubhyam
Saurashtre Somanatham cha Shrishaiile Mallikarjunam |
Ujjayinyam Mahakaalam Omkaaramamaleshwaram ||
Paralyaam Vaidyanaatham cha Daakinyam Bheemashankaram |
Setubandhe tu Raamesham Naagesham Daarukaavane ||
Vaaraanasyaam tu Vishvesham Tryambakam Gautameetate |
Himaalaye tu Kedaaram Ghushmesham cha Shivaalaye ||
Etaani Jyotirlingaani Saayam Praatah Pathennarah |
Saptajanmakritam Paapam Smaranena Vinashyati ||
Shree Shivay Namastubhyam
Shree Shivay Namastubhyam
Shree Shivay Namastubhyam
Aakaashe Taarakam Lingam Paataale Haatakeshwaram |
Mrityuloke Mahaakaalam Triyalingam Namostute ||
Karta Kare Na Kar Sake, Shiv Kare So Hoy |
Teen Lok Nau Khand Mein, Mahaakaal Se Bada Na Koy ||
Shree Shivay Namastubhyam
Shree Shivay Namastubhyam
Shree Shivay Namastubhyam
Shree Shivay Namastubhyam Mantra Meaning In Hindi:
श्री शिव को नमस्कार।
श्री शिव को नमस्कार।
श्री शिव को नमस्कार।
सौराष्ट्र में सोमनाथ, श्रीशैल पर मल्लिकार्जुन।
उज्जैन में महाकाल, ओमकार में अमलेश्वर।
परली में वैद्यनाथ, डाकिनी में भीमशंकर।
सेतुबंध में रामेश्वर, दारुका वन में नागेश्वर।
वाराणसी में विश्वेश्वर, गोदावरी तट पर त्र्यंबकेश्वर।
हिमालय में केदारनाथ, शिवालय में घृष्णेश्वर।
ये बारह ज्योतिर्लिंग हैं; शाम-सुबह जो पढ़े,
सात जन्मों के पाप स्मरण मात्र से नष्ट हो जाते हैं।
आकाश में तारक लिंग, पाताल में हाटकेश्वर।
मृत्युलोक में महाकाल, तीनों लोकों के त्रिलिंग को नमस्कार।
जो करना चाहे वह न कर सके, लेकिन शिव जो करें वही होता है।
तीन लोक नौ खंड में महाकाल से बड़ा कोई नहीं।
श्री शिव को नमस्कार।
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र: ऐतिहासिक संबंध और उत्पत्ति (Historical Connection)
Shri shivaya namastubhyam mantra शिव महापुराण से निकला हुआ है। विशेष रूप से विद्याेश्वर संहिता के अध्याय 23-24 में इसका वर्णन मिलता है। पुराण में कहा गया है कि इस मंत्र का जाप करने वाला व्यक्ति पापों से मुक्त हो जाता है और उसका मुख ही तीर्थ बन जाता है।
यह मंत्र महामृत्युंजय मंत्र के समान प्रभावशाली माना जाता है। कई संत और कथावाचक जैसे पंडित प्रदीप मिश्रा जी सीहोर वाले इसे शिव पुराण का मूल मंत्र बताते हैं। एक बार जाप से हजार महामृत्युंजय जाप का फल मिलता है। यह प्राचीन काल से शिव भक्तों द्वारा उपयोग होता आ रहा है, जो शिव की सर्वव्यापकता और कृपा को दर्शाता है। ज्योतिर्लिंग स्तोत्र के साथ मिलकर यह और भी शक्तिशाली हो जाता है।
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श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के लाभ (Benefits)
यह मंत्र devotional जीवन में कई चमत्कारी लाभ देता है:
- पाप नाश : सप्तजन्मों के पाप स्मरण मात्र से नष्ट होते हैं।
- मानसिक शांति : चिंता, भय और तनाव दूर होते हैं; मन शांत और स्पष्ट होता है।
- रोग मुक्ति : स्वास्थ्य लाभ, रोग-शोक-पीड़ा का नाश।
- समृद्धि और धन : कर्ज मुक्ति, आर्थिक बाधाएं दूर, समृद्धि आकर्षित होती है।
- बाधा निवारण : जीवन की हर विपत्ति और obstacle हटते हैं।
- भक्ति वृद्धि : शिव चरणों में अटूट भक्ति बढ़ती है।
- नकारात्मक ऊर्जा नाश : घर और मन में सकारात्मक vibrations आती हैं।
- मनोकामना पूर्ति : श्रद्धा से जाप करने पर इच्छाएं पूरी होती हैं।
एक बार जाप से भी बड़ा पुण्य मिलता है, और रोजाना जाप से जीवन परिवर्तन हो जाता है।
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र जाप की विधि (Reciting Process / Steps)
Shri shivaya namastubhyam का जाप सरल लेकिन श्रद्धापूर्ण तरीके से करें:
- समय : सुबह ब्रह्म मुहूर्त में या शाम संध्या काल में सबसे अच्छा। सोमवार विशेष फलदायी।
- शुद्धि : स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें। पूर्व या उत्तर दिशा में बैठें।
- स्थान : शिव मंदिर में या घर के पूजा स्थल पर। शिवलिंग या शिव यंत्र के सामने।
- माला : रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें (108 मनके वाली)।
- संख्या : कम से कम 108 बार जाप करें। इच्छानुसार 1008 या अधिक।
- विधि : आंखें बंद कर, मन में शिव का ध्यान करें। प्रत्येक जाप के साथ जल अर्पित करें या मन ही मन समर्पित करें।
- भाव : पूर्ण श्रद्धा और दृढ़ विश्वास रखें। उच्चारण स्पष्ट और मधुर रखें।
- समापन : जाप के बाद “हर हर महादेव” बोलकर आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें।
नियमित जाप से महादेव की कृपा सीधे प्राप्त होती है।
? FAQs
Shri shivaya namastubhyam mantra के मुख्य benefits क्या हैं?
पाप नाश, शांति, स्वास्थ्य, धन प्राप्ति, बाधा दूर करना और भक्ति वृद्धि।
इस मंत्र का historical connection क्या है?
शिव महापुराण से, विद्याेश्वर संहिता में वर्णित। महामृत्युंजय के समान शक्तिशाली।
Shree shivay namastubhyam का जाप कैसे शुरू करें?
शुद्ध होकर, रुद्राक्ष माला से 108 बार, सुबह-शाम श्रद्धा पूर्वक।
एक बार जाप का फल क्या है?
हजार महामृत्युंजय जाप के बराबर पुण्य।
यह मंत्र क्यों इतना powerful है?
शिव पुराण में कहा गया है कि इसका जाप करने वाला तीर्थ बन जाता है, पाप नष्ट होते हैं।
