शुभं करोति कल्याणम मंत्र (shubham karoti kalyanam mantra) शाम की प्रार्थना का एक सुंदर और शक्तिशाली हिस्सा है, जो दीपक जलाते समय हर घर में गूंजता है। यह मंत्र सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि एक आशीर्वाद है जो शुभता, स्वास्थ्य और समृद्धि को आमंत्रित करता है। दिए गए बोलों में संस्कृत के मूल श्लोक के साथ मराठी की मधुर पंक्तियां जुड़ी हैं, जो इसे और अधिक भावपूर्ण बनाती हैं। यह शाम की संध्या में दीया प्रज्वलित करने की परंपरा को जीवंत करता है, खासकर महाराष्ट्र की भक्ति परंपरा में।
यह मंत्र पारंपरिक है, वैदिक काल से चला आ रहा है, लेकिन मराठी रूप में इसे लोकप्रिय बनाने में भक्ति गायकों का योगदान है। जैसे लता मंगेशकर की आवाज़ में “Thamb Laxmi Kunku Lavate” एल्बम से जुड़ी प्रस्तुति, या अन्य भक्ति संग्रहों में शुभांगी जोशी, सदhana सरगम जैसी कलाकारों की रेंडरिंग। कोई एकल गायक या संगीतकार नहीं, क्योंकि यह लोक परंपरा का हिस्सा है, लेकिन संगीत अक्सर सरल और हृदयस्पर्शी होता है।
Overview: Shubham Karoti Kalyanam Mantra
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| मंत्र का शीर्षक | Shubham Karoti Kalyanam Mantra (संध्याकालीन दीप प्रार्थना) |
| गायक | लता मंगेशकर / शुभांगी जोशी / सदhana सरगम (लोकप्रिय संस्करण) |
| संगीतकार | पारंपरिक / विभिन्न (जैसे J Subhash, Paresh Shah) |
| गीतकार | पारंपरिक संस्कृत + मराठी अनुकूलन |
| एल्बम | Thamb Laxmi Kunku Lavate / विभिन्न भक्ति संग्रह |
| विधा | भक्ति / आध्यात्मिक / संध्याकालीन प्रार्थना |
Disclaimer: यह ब्लॉग पोस्ट और इसमें दी गई जानकारी, जिसमें shubham karoti kalyanam mantra के बोल, अर्थ, लाभ, जाप विधि तथा अन्य आध्यात्मिक विवरण शामिल हैं, केवल शैक्षिक, सूचनात्मक और व्यक्तिगत भक्ति उद्देश्यों के लिए प्रदान की गई है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा, स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, वित्तीय, कानूनी या धार्मिक सलाह के रूप में नहीं मानी जानी चाहिए।
Shubham Karoti Kalyanam Mantra Lyrics in Hindi
शुभं करोति कल्याणम आरोग्यं धनसंपदा ।
शत्रुबुद्धि विनाशाय दीपज्योति नमोऽस्तुते ।
दिव्या दिव्या दिपत्कार कानी कुंडले मोतीहार ।
दिव्याला पाहून नमस्कार ॥१॥
दिवा लावला देवांपाशी, उजेड पडला तुळशीपाशी ।
माझा नमस्कार सर्व देवांपाशी ॥२॥
ये गे लक्ष्मी बैस गे बाजे, आमुचे घर तुला सारे ।
तिळाचे तेल कापसाची वात, दिवा जळो मध्यान्हात ।
घरातली इडापिडा बाहेर जावो बाहेरची लक्ष्मी घरात येवो ।
घरच्या सर्वांना उदंड आयुष्य लाभो ॥३॥
दीपज्योति: परब्रह्म दीपज्योति: जनार्दन ।
दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तुते ॥४॥
अधिराजा महाराजा वनराजा वनस्पति ।
इष्टदर्शनं इष्टान्नं शत्रूणांच पराभवम् ।
मुले तो ब्रह्मरुपाय मध्ये तो विष्णुरुपिण: ।
अग्रत: शिवरुपाय अश्वत्थाय नमो नम: ॥५॥
Shubham Karoti Kalyanam Mantra Lyrics in English
Shubham karoti kalyanam arogyam dhana sampada |
Shatrubuddhi vinashaya dipajyoti namostute |
Divya divya dipatkar kani kundale motihar |
Divyala pahun namaskar ॥1॥
(दिव्य दीपक की ज्योति को देखकर नमस्कार, जो कानों में कुंडल और मोतियों का हार पहने हुए है।)
Diva lavla devampashi, ujed padla tulshipashi |
Majha namaskar sarva devampashi ॥2॥
(दीया देवताओं के पास जलाया, प्रकाश तुलसी के पास पड़ा। मेरा नमस्कार सभी देवताओं को।)
Ye ge Lakshmi bais ge baje, amuche ghar tula sare |
Tilache tel kapasachi vat, diva jalo madhyanhat |
Gharatli idapida baher javo baherchi Lakshmi gharat yevo |
Gharachya sarvanna udand ayushya labho ॥3॥
(आओ लक्ष्मी, यहां बैठो, हमारा घर तुम्हारा है। तिल का तेल और कपास की बाती से दीया मध्याह्न में जले। घर की पीड़ा बाहर जाए, बाहर की लक्ष्मी घर में आए। घर के सभी को लंबी आयु मिले।)
Dipajyoti parabrahma dipajyoti janardanah |
Dipo haratu me papam sandhyadip namostute ॥4॥
(दीपक की ज्योति परब्रह्म है, जनार्दन है। दीपक मेरे पाप हर ले, संध्या दीप को नमस्कार।)
Adhiraja maharaja vanaraja vanaspati |
Ishtadarshanam ishtannam shatrunamcha parabhava |
Mule to brahmarupaya madhye to vishnurupine |
Agratah shivarupaya ashvatthaya namo namah ॥5॥
(अधिराज, महाराज, वनराज, वनस्पति। इष्ट दर्शन, इष्ट अन्न, शत्रुओं का पराभव। जड़ में ब्रह्म रूप, मध्य में विष्णु रूप, अग्र में शिव रूप अश्वत्थ को नमो नमः।)
Shubham Karoti Kalyanam Mantra के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- शुभता और कल्याण की प्राप्ति – मंत्र की शुरुआत ही “शुभं करोति कल्याणं” से होती है, जो जीवन में हर काम शुभ और मंगलमय बनाने में मदद करता है। रोज जाप से घर का वातावरण सकारात्मक रहता है, नए अवसर आते हैं और अच्छे विचारों का जन्म होता है।
- आरोग्य और स्वास्थ्य लाभ – “आरोग्यं” शब्द स्पष्ट रूप से अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता है। नियमित जाप से शारीरिक और मानसिक रोगों से राहत मिलती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और तनाव कम होता है। गर्भावस्था में भी इसे सुनने या जपने से मां और बच्चे दोनों को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
- धन और समृद्धि – “धनसंपदा” से धन-संपत्ति की प्राप्ति का आशीर्वाद जुड़ा है। भक्त बताते हैं कि लगातार अभ्यास से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, अनावश्यक खर्च कम होते हैं और धन का प्रवाह सुचारू रहता है।
- नकारात्मकता और शत्रु बुद्धि का नाश – “शत्रुबुद्धिविनाशाय” का अर्थ है नकारात्मक विचारों, ईर्ष्या या शत्रुता का अंत। यह मंत्र मन से क्रोध, द्वेष और बुरी सोच को दूर करता है, जिससे रिश्ते बेहतर होते हैं और घर में कलह कम होती है।
- आध्यात्मिक उन्नति और पाप नाश – मंत्र का दूसरा भाग “दीपज्योति: परब्रह्म” दीपक को परम ब्रह्म का रूप बताता है। इससे पापों का नाश होता है, मन शुद्ध होता है और आंतरिक प्रकाश जागृत होता है। शाम की यह प्रार्थना दिन की थकान मिटाकर शांति देती है।
ये लाभ तब ज्यादा प्रभावी होते हैं जब जाप सच्चे भक्ति भाव से किया जाए। शाम को साफ मन से, दीया घी या तिल के तेल का जलाकर, 3 से 11 बार उच्चारण करें। तुलसी या पूजा स्थल के पास रखें, और मन में भगवान का स्मरण रखें।
हर भक्त के लिए यह मंत्र एक दैनिक साथी है, जो छोटे-छोटे प्रयास से बड़े आशीर्वाद देता है। अगर आप भी शाम की इस प्रथा को अपनाते हैं, तो खुद महसूस करेंगे कि जीवन में कैसे शुभता और शांति का प्रकाश फैलता है।
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Shubham Karoti Kalyanam Mantra जाप करने की विधि:
समय चुनें शाम को सूर्यास्त के बाद (संध्या काल में) सबसे अच्छा माना जाता है। कई लोग सुबह भी जलाते हैं, लेकिन मूल रूप से यह शाम की प्रार्थना है।
1. तैयारी करें
स्नान कर लें या हाथ-मुंह धो लें।
साफ कपड़े पहनें।
पूजा स्थल या घर के मंदिर/तुलसी के पास जाएं।
एक साफ मिट्टी, तांबे या पीतल का दिया लें।
बाती (कपास की) और तेल (तिल का तेल सबसे शुभ, या घी) डालें। ध्यान रखें: दीया दक्षिण दिशा में न जलाएं, पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके रखें।
2. दीपक जलाएं
दिए में बाती सेट करें और मैच या अगरबत्ती से जला लें।
जलाते ही हाथ जोड़ लें और मन में भगवान का स्मरण करें (विष्णु, लक्ष्मी या कुलदेवता)।
3. मंत्र का उच्चारण करें
धीरे-धीरे, स्पष्ट उच्चारण के साथ बोलें।
मूल संस्कृत भाग (सबसे आम): शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा ।शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ॥
अगर विस्तार से (जैसा आपके दिए गए बोलों में): पूरा मंत्र 1 से 5 तक पढ़ें।
जाप की संख्या: शुरुआत में 1 बार, फिर 3, 5 या 11 बार दोहराएं। भक्ति भाव से जितनी बार आराम से हो सके।
उच्चारण टिप: “शुभं” को “शुभम्”, “करोति” को “करोति”, “नमोऽस्तुते” को “नमोस्तुते” जैसा बोलें। YouTube पर लता मंगेशकर या अन्य भक्ति गायकों की रिकॉर्डिंग सुनकर सही उच्चारण सीख सकते हैं।
4. भाव और फोकस
हाथ जोड़े रहें, आंखें बंद या दीपक की ज्योति पर टिका लें।
मन में अर्थ सोचें: दीपक की रोशनी शुभता, स्वास्थ्य, धन लाए और नकारात्मक विचार दूर करे।
जाप के बाद थोड़ी देर शांत बैठें, फिर आरती या अन्य प्रार्थना जारी रखें।
5. अतिरिक्त टिप्स
दीया कभी बीच में न बुझे।
तेल या घी ज्यादा न रगड़ें कपड़ों पर; अलग कपड़ा रखें।
परिवार के साथ करें तो और अच्छा – बच्चे भी आसानी से सीख जाते हैं।
अगर समय कम हो तो सिर्फ मुख्य श्लोक बोलकर भी फल मिलता है।
यह विधि अपनाने से घर में सकारात्मक वातावरण बनता है, मन शांत रहता है और दैनिक जीवन में शुभता बढ़ती है। हर शाम इसे अपनाएं, तो खुद अनुभव करेंगे कि कैसे छोटी सी प्रथा बड़े आशीर्वाद लाती है।
? FAQs About Shubham Karoti Kalyanam Mantra
Shubham karoti kalyanam mantra कितनी बार जपना चाहिए?
शुरुआत में 1-3 बार, फिर 5 या 11 बार। रोजाना नियमित रखें।
क्या सुबह भी जप सकते हैं?
हां, कई लोग सुबह-शाम दोनों समय जलाते हैं, लेकिन शाम को मुख्य महत्व है।
उच्चारण गलत होने पर क्या?
भक्ति भाव मुख्य है। धीरे-धीरे सही उच्चारण सीखें, शुरू में सुनकर दोहराएं।
दीपक में क्या तेल डालें?
तिल का तेल या घी सबसे शुभ। सरसों का तेल भी इस्तेमाल होता है।
यह मंत्र बच्चों के लिए सुरक्षित है?
बिल्कुल, सरल है और परिवार में साथ जपने से अच्छा प्रभाव पड़ता है।
