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    Home » Shlok » Maa Baglamukhi Chalisa – माँ बगलामुखी चालीसा: सम्पूर्ण पाठ, अर्थ और आध्यात्मिक लाभ
    Shlok

    Maa Baglamukhi Chalisa – माँ बगलामुखी चालीसा: सम्पूर्ण पाठ, अर्थ और आध्यात्मिक लाभ

    RaviBy RaviApril 7, 2026
    maa baglamukhi chalisa

    हिन्दू धर्म में दस महाविद्याओं का विशेष स्थान है और माँ बगलामुखी इन्हीं दस महाशक्तियों में से एक हैं। माँ बगलामुखी को पीताम्बरा देवी भी कहा जाता है। वे शत्रु नाशिनी, वाक् सिद्धि प्रदायिनी और स्तम्भन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी हैं।

    Maa Baglamukhi Chalisa एक पवित्र और प्रामाणिक स्तुति है जो माँ बगलामुखी की महिमा, दिव्य स्वरूप और असीम शक्ति का वर्णन करती है। यह चालीसा उन सभी भक्तों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो शत्रुओं से पीड़ित हैं, न्यायालय के विवादों में फंसे हैं, तंत्र-मंत्र की बाधा झेल रहे हैं, या जीवन में किसी भी प्रकार की बाधा का सामना कर रहे हैं।

    Baglamukhi Chalisa का नियमित पाठ करने से साधक को मानसिक शांति, आत्मबल और माँ की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस लेख में आपको Baglamukhi Chalisa in Hindi, उसकी पूर्ण English Transliteration, शब्द-अर्थ और Baglamukhi Chalisa Benefits सब कुछ एक साथ मिलेगा।

    Table of Contents

    Toggle
    • माँ बगलामुखी कौन हैं? (Who is Maa Baglamukhi?)
    • Shri Baglamukhi Chalisa – सम्पूर्ण पाठ (Hindi) एवं English Transliteration
      • ॥ दोहा ॥ (Opening Doha)
      • ॥ चौपाई ॥ (Chaupais 1–40)
        • ॥ चौपाई 1 ॥
        • ॥ चौपाई 2 ॥
        • ॥ चौपाई 3 ॥
        • ॥ चौपाई 4 ॥
        • ॥ चौपाई 5 ॥
        • ॥ चौपाई 6 ॥
        • ॥ चौपाई 7 ॥
        • ॥ चौपाई 8 ॥
        • ॥ चौपाई 9 ॥
        • ॥ चौपाई 10 ॥
        • ॥ चौपाई 11 ॥
        • ॥ चौपाई 12 ॥
        • ॥ चौपाई 13 ॥
        • ॥ चौपाई 14 ॥
        • ॥ चौपाई 15 ॥
        • ॥ चौपाई 16 ॥
        • ॥ चौपाई 17 ॥
        • ॥ चौपाई 18 ॥
        • ॥ चौपाई 19 ॥
        • ॥ चौपाई 20 ॥
        • ॥ चौपाई 21 ॥
        • ॥ चौपाई 22 ॥
        • ॥ चौपाई 23 ॥
        • ॥ चौपाई 24 ॥
        • ॥ चौपाई 25 ॥
        • ॥ चौपाई 26 ॥
        • ॥ चौपाई 27 ॥
        • ॥ चौपाई 28 ॥
        • ॥ चौपाई 29 ॥
        • ॥ चौपाई 30 ॥
        • ॥ चौपाई 31 ॥
        • ॥ चौपाई 32 ॥
        • ॥ चौपाई 33 ॥
        • ॥ चौपाई 34 ॥
        • ॥ चौपाई 35 ॥
        • ॥ चौपाई 36 ॥
        • ॥ चौपाई 37 ॥
        • ॥ चौपाई 38 ॥
        • ॥ चौपाई 39 ॥
        • ॥ चौपाई 40 ॥
      • ॥ समापति दोहा ॥ (Closing Doha)
    • Baglamukhi Chalisa के प्रमुख शब्दों का अर्थ
    • माँ बगलामुखी का आध्यात्मिक महत्व (Spiritual Significance)
    • पाठ कब करें? (When to Recite Maa Baglamukhi Chalisa?)
    • Baglamukhi Chalisa Benefits – आध्यात्मिक और व्यावहारिक लाभ
    • Baglamukhi Chalisa PDF – डाउनलोड और उपयोग
      • PDF: Maa Baglamukhi Chalisa Pdf – सम्पूर्ण पाठ
    • माँ बगलामुखी की पूजा विधि (Puja Vidhi)
    • निष्कर्ष (Conclusion)
    • ? FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
      • प्रश्न 1: Maa Baglamukhi Chalisa पढ़ने का सबसे अच्छा समय क्या है?
      • प्रश्न 2: Baglamukhi Chalisa कितनी बार पढ़नी चाहिए?
      • प्रश्न 3: Baglamukhi Chalisa in Hindi कहाँ से पढ़ें?
      • प्रश्न 4: Baglamukhi Chalisa Benefits क्या हैं?
      • प्रश्न 5: क्या महिलाएं Maa Baglamukhi Chalisa पढ़ सकती हैं?
      • प्रश्न 6: Shri Baglamukhi Chalisa की English Transliteration क्यों उपयोगी है?

    माँ बगलामुखी कौन हैं? (Who is Maa Baglamukhi?)

    माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। इनका वर्ण पीत (पीला) है। इनकी पूजा में पीले वस्त्र, पीले पुष्प और हल्दी का विशेष महत्व है। देवी का मुख्य कार्य है शत्रुओं का स्तम्भन अर्थात् उन्हें पूर्णतः निष्क्रिय कर देना।

    माँ के एक हाथ में मुद्गर (गदा) है और दूसरे हाथ से वे शत्रु की जिह्वा (जीभ) पकड़े हुए हैं यह प्रतीक है कि माँ अपने भक्तों के समस्त शत्रुओं की वाणी, बुद्धि और शक्ति को एक क्षण में स्तम्भित कर देती हैं।

    माँ बगलामुखी का निवास हरिद्रा सरोवर में माना जाता है। इनकी पूजा विशेष रूप से मध्य प्रदेश के दतिया, हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा और नलखेड़ा में होती है।

    Shri Baglamukhi Chalisa – सम्पूर्ण पाठ (Hindi) एवं English Transliteration

    नोट: प्रत्येक चौपाई के नीचे उसकी पूर्ण English Transliteration दी गई है ताकि हिंदी न जानने वाले भक्त भी सरलता से पाठ कर सकें।

    ॥ दोहा ॥ (Opening Doha)

    हिंदी पाठ:

    नमो महाविधा बरदा, बगलामुखी दयाल ।
    स्तम्भन क्षण में करे, सुमरित अरिकुल काल ॥

    English Transliteration:

    Namo Mahavidha Varadaa, Baglamukhi Dayaal |
    Stambhan Kshan Mein Kare, Sumarit Arikul Kaal ||

    सरल अर्थ: हे वरदान देने वाली महाविद्या माँ बगलामुखी, आपको नमन है। आप दयालु हैं। जो भी आपका स्मरण करता है, आप क्षण भर में उसके शत्रुओं के समूह का काल (नाश) बन जाती हैं।

    ॥ चौपाई ॥ (Chaupais 1–40)

    full baglamukhi chalisa image

    ॥ चौपाई 1 ॥

    नमो नमो पीताम्बरा भवानी
    बगलामुखी नमो कल्यानी |

    Transliteration:

    Namo Namo Peetambara Bhavaani,
    Baglamukhi Namo Kalyaani |

    ॥ चौपाई 2 ॥

    भक्त वत्सला शत्रु नशानी
    नमो महाविधा वरदानी |

    Transliteration:

    Bhakt Vatsala Shatru Nashaani,
    Namo Mahavidha Varadaani |

    ॥ चौपाई 3 ॥

    अमृत सागर बीच तुम्हारा
    रत्न जड़ित मणि मंडित प्यारा |

    Transliteration:

    Amrit Saagar Beech Tumhaara,
    Ratna Jadit Mani Mandit Pyaara |

    ॥ चौपाई 4 ॥

    स्वर्ण सिंहासन पर आसीना
    पीताम्बर अति दिव्य नवीना |

    Transliteration:

    Swarna Simhaasan Par Aaseena,
    Peetambar Ati Divya Naveena |

    ॥ चौपाई 5 ॥

    स्वर्णभूषण सुन्दर धारे
    सिर पर चन्द्र मुकुट श्रृंगारे |

    Transliteration:

    Swarnabhooshan Sundar Dhaare,
    Sir Par Chandra Mukut Shringaare |

    ॥ चौपाई 6 ॥

    तीन नेत्र दो भुजा मृणाला
    धारे मुद्रर पाश कराला |

    Transliteration:

    Teen Netra Do Bhuja Mrinaala,
    Dhaare Mudrar Paash Karaala |

    ॥ चौपाई 7 ॥

    भैरव करे सदा सेवकाई
    सिद्ध काम सब विघ्न नसाई |

    Transliteration:

    Bhairav Kare Sadaa Sevakaaee,
    Siddha Kaam Sab Vighna Nasaaee |

    ॥ चौपाई 8 ॥

    तुम हताश का निपट सहारा
    करे अकिंचन अरिकल धारा |

    Transliteration:

    Tum Hataash Ka Nipat Sahaara,
    Kare Akinchan Arikal Dhaara |

    ॥ चौपाई 9 ॥

    तुम काली तारा भुवनेशी
    त्रिपुरसुन्दरी भैरवी वेशी |

    Transliteration:

    Tum Kaali Taaraa Bhuvneshi,
    Tripurasundari Bhairavi Veshi |

    ॥ चौपाई 10 ॥

    छिनाल घूमा मातंगी गायत्री
    तुम बगला रंगी |

    Transliteration:

    Chhinaal Ghoomaa Maatangi Gaayatri,
    Tum Baglaa Rangi |

    ॥ चौपाई 11 ॥

    सकल शक्तियाँ तुम में साजें
    ह्रीं बीज के बीज बिराजे |

    Transliteration:

    Sakal Shaktiyaan Tum Mein Saajen,
    Hreem Beej Ke Beej Biraaje |

    ॥ चौपाई 12 ॥

    दुष्ट स्तम्भन अरिकुल कीलन
    मारण वशीकरण सम्मोहन |

    Transliteration:

    Dushta Stambhan Arikul Keelan,
    Maaran Vashikaran Sammohana |

    ॥ चौपाई 13 ॥

    दुष्टोच्चाटन कारक माता
    अरि जिव्हा कीलक सघाता |

    Transliteration:

    Dushtocchaatan Kaarak Maataa,
    Ari Jivhaa Keelak Saghaataa |

    ॥ चौपाई 14 ॥

    साधक के विपति की त्राता
    नमो महामाया प्रख्याता |

    Transliteration:

    Saadhak Ke Vipati Ki Traataa,
    Namo Mahaamaayaa Prakhyaataa |

    ॥ चौपाई 15 ॥

    मुद्रर शिला लिये अति भारी
    प्रेतासन पर किये सवारी |

    Transliteration:

    Mudrar Shilaa Liye Ati Bhaari,
    Pretaasan Par Kiye Savaaree |

    ॥ चौपाई 16 ॥

    तीन लोक दस दिशा भवानी
    बिचरहु तुम हित कल्यानी |

    Transliteration:

    Teen Lok Das Dishaa Bhavaani,
    Bicharahu Tum Hit Kalyaani |

    ॥ चौपाई 17 ॥

    अरि अरिष्ट सोचे जो जन को
    बुध्दि नाशकर कीलक तन को |

    Transliteration:

    Ari Arisht Soche Jo Jan Ko,
    Buddhi Naashkar Keelak Tan Ko |

    ॥ चौपाई 18 ॥

    हाथ पांव बाँधहु तुम ताके
    नहु जीभ बिच मुद्रर बाके |

    Transliteration:

    Haath Paanv Baandhahu Tum Taake,
    Nahu Jeebh Bich Mudrar Baake |

    ॥ चौपाई 19 ॥

    चोरो का जब संकट आवे
    रण में रिपुओं से घिर जावे |

    Transliteration:

    Choro Ka Jab Sankat Aave,
    Ran Mein Ripuon Se Ghir Jaave |

    ॥ चौपाई 20 ॥

    अनल अनिल बिप्लव घहरावे
    वाद विवाद न निर्णय पावे |

    Transliteration:

    Anal Anil Biplav Ghahraave,
    Vaad Vivaad Na Nirnay Paave |

    ॥ चौपाई 21 ॥

    मूठ आदि अभिचारण संकट
    राजभीति आपत्ति सन्निकट |

    Transliteration:

    Mooth Aadi Abhichaaran Sankat,
    Raajbheeti Aapatti Sannikat |

    ॥ चौपाई 22 ॥

    ध्यान करत सब कष्ट नसावे
    भूत प्रेत न बाधा आवे |

    Transliteration:

    Dhyaan Karat Sab Kasht Nasaave,
    Bhoot Pret Na Baadha Aave |

    ॥ चौपाई 23 ॥

    सुमरित राजव्दार बंध जावे
    सभा बीच स्तम्भवन छावे |

    Transliteration:

    Sumarit Raajdwaar Bandh Jaave,
    Sabhaa Beech Stambhavan Chhaave |

    ॥ चौपाई 24 ॥

    नाग सर्प ब्रचिश्रकादि भयंकर
    खल विहंग भागहिं सब सत्वर |

    Transliteration:

    Naag Sarp Vrishchikadi Bhayankar,
    Khal Vihang Bhaagahin Sab Satvar |

    ॥ चौपाई 25 ॥

    सर्व रोग की नाशन हारी
    कुल मूलच्चाटन का |

    Transliteration:

    Sarv Rog Ki Naashan Haari,
    Kul Moolocchaatan Kaa |

    ॥ चौपाई 26 ॥

    स्त्री पुरुष राज सम्मोहक
    नमो नमो पीताम्बर सोहक |

    Transliteration:

    Stree Purush Raaj Sammohak,
    Namo Namo Peetambar Sohak |

    ॥ चौपाई 27 ॥

    तुमको सदा कुबेर मनावे
    श्री समृद्धि सुयश नित गावें |

    Transliteration:

    Tumako Sadaa Kuber Manaave,
    Shree Samriddhi Suyash Nit Gaaven |

    ॥ चौपाई 28 ॥

    शक्ति शौर्य की तुम्हीं विधाता
    दुःख दारिद्र विनाशक माता |

    Transliteration:

    Shakti Shaurya Ki Tumhi Vidhaataa,
    Dukh Daaridra Vinaashak Maataa |

    ॥ चौपाई 29 ॥

    यश ऐश्वर्य सिद्धि की दाता
    शत्रु नाशिनी विजय प्रदाता |

    Transliteration:

    Yash Aishwarya Siddhi Ki Daataa,
    Shatru Naashini Vijay Pradaataa |

    ॥ चौपाई 30 ॥

    पीताम्बरा नमो कल्यानी
    नमो माता बगला महारानी |

    Transliteration:

    Peetambara Namo Kalyaani,
    Namo Maataa Baglaa Mahaaraani |

    ॥ चौपाई 31 ॥

    जो तुमको सुमरै चितलाई
    योगक्षेम से करो सहाई |

    Transliteration:

    Jo Tumako Sumarai Chitalaai,
    Yogakshema Se Karo Sahaaee |

    ॥ चौपाई 32 ॥

    आपत्ति जन की तुरत निवारो
    आधि व्याधि संकट सब टारो |

    Transliteration:

    Aapatti Jan Ki Turat Nivaaro,
    Aadhi Vyaadhi Sankat Sab Taaro |

    ॥ चौपाई 33 ॥

    पूजा विधि नहिं जानत तुम्हरी
    अर्थ आवर करहूँ निहोरी |

    Transliteration:

    Pooja Vidhi Nahin Jaanat Tumhari,
    Arth Aavar Karahoon Nihori |

    ॥ चौपाई 34 ॥

    मैं कुपुत्र अति निवल उपाया
    हाथ जोड़ शरणागत आया |

    Transliteration:

    Main Kuputra Ati Nival Upaayaa,
    Haath Jod Sharanagat Aayaa |

    ॥ चौपाई 35 ॥

    जग में केवल तुम्हीं सहारा
    सारे संकट करहुँ निवारा |

    Transliteration:

    Jag Mein Keval Tumhi Sahaara,
    Saare Sankat Karahoon Nivaara |

    ॥ चौपाई 36 ॥

    नमो महादेवी हे माता
    पीताम्बरा नमो सुखदाता |

    Transliteration:

    Namo Mahaadevee He Maataa,
    Peetambaraa Namo Sukhadaataa |

    ॥ चौपाई 37 ॥

    सोम्य रूप धर बनती माता
    सुख सम्पत्ति सुयश की दाता |

    Transliteration:

    Somya Roop Dhar Bantee Maataa,
    Sukh Sampatti Suyash Ki Daataa |

    ॥ चौपाई 38 ॥

    रौद्र रूप धर शत्रु संहारो
    अरि जिव्हा में मुद्रर मारो |

    Transliteration:

    Raudra Roop Dhar Shatru Sanhaaro,
    Ari Jivhaa Mein Mudrar Maaro |

    ॥ चौपाई 39 ॥

    नमो महाविधा आगारा
    आदि शक्ति सुन्दरी आपारा |

    Transliteration:

    Namo Mahavidha Aagaaraa,
    Aadi Shakti Sundari Aapaaraa |

    ॥ चौपाई 40 ॥

    अरि भंजक विपत्ति की त्राता
    दया करो पीताम्बरी माता |

    Transliteration:

    Ari Bhanjak Vipatti Ki Traataa,
    Dayaa Karo Peetambaree Maataa |

    ॥ समापति दोहा ॥ (Closing Doha)

    हिंदी पाठ:

    रिद्धि सिद्धि दाता तुम्हीं, अरि समूल कुल काल ।
    मेरी सब बाधा हरो, माँ बगले तत्काल ।।

    English Transliteration:

    Riddhi Siddhi Daata Tumhi, Ari Samool Kul Kaal |
    Meri Sab Baadha Haro, Maan Bagale Tatkaal ||

    सरल अर्थ:

    हे माँ बगलामुखी! आप ही ऋद्धि-सिद्धि देने वाली हैं और शत्रुओं के समूल नाश करने वाली हैं। मेरी सभी बाधाएँ तत्काल दूर करो, हे माँ बगले!

    ।। इति श्री बगलामुखी चालीसा सम्पूर्ण ॥

    Baglamukhi Chalisa के प्रमुख शब्दों का अर्थ

    हिंदी शब्द English Transliteration अर्थ
    बगलामुखी Baglamukhi शत्रु का मुख पकड़ने वाली, स्तम्भन शक्ति की देवी
    पीताम्बरा Peetambara पीले वस्त्र धारण करने वाली
    स्तम्भन Stambhan रोकना, निष्क्रिय करना
    मुद्रर Mudrar मुद्गर — भारी गदा
    अरिकुल Arikul शत्रुओं का समूह
    महाविद्या Mahavidha दस दिव्य शक्तियों में से एक
    वरदानी Varadaani वरदान देने वाली
    कीलन Keelan किसी को जकड़ना, निष्क्रिय करना
    उच्चाटन Ucchaatan शत्रु को उसके स्थान से हटाना
    प्रेतासन Pretaasan प्रेत पर आसन — तांत्रिक सिद्धि का प्रतीक
    योगक्षेम Yogakshema प्राप्त का रक्षण और अप्राप्त की प्राप्ति
    अभिचारण Abhichaaran तांत्रिक अभिचार — काला जादू
    अरि जिव्हा Ari Jivhaa शत्रु की जीभ — वाणी को रोकना
    विपत्ति त्राता Vipatti Traata संकट से बचाने वाली

    माँ बगलामुखी का आध्यात्मिक महत्व (Spiritual Significance)

    Maa Baglamukhi Chalisa केवल एक पाठ नहीं है यह माँ के साथ भक्त का आत्मीय संवाद है। इस Shri Baglamukhi Chalisa में माँ के दिव्य स्वरूप का अत्यंत सुंदर और प्रामाणिक वर्णन है।

    चौपाई 9 और 10 में माँ बगलामुखी को सभी दस महाविद्याओं का सम्मिलित स्वरूप बताया गया है काली, तारा, भुवनेशी, त्रिपुरसुन्दरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, मातंगी, गायत्री और बगलामुखी यह माँ की अद्वितीय सर्वशक्तिमान महिमा को दर्शाता है।

    चौपाई 12 में उल्लिखित स्तम्भन, कीलन, मारण, वशीकरण और सम्मोहन ये पाँच तांत्रिक क्रियाएं हैं जिनकी अधिष्ठात्री स्वयं माँ बगलामुखी हैं। माँ की कृपा से भक्त इन सभी बाधाओं से सुरक्षित रहता है।

    Baglamukhi Chalisa का सबसे मार्मिक भाग चौपाई 33-34 में है जहाँ साधक स्वयं को असहाय और अज्ञानी बताकर माँ की शरण में आता है। यही सच्ची भक्ति का सार है माँ को सर्वाधिक प्रिय वही भक्त है जो निष्कपट भाव से उनकी शरण लेता है।

    पाठ कब करें? (When to Recite Maa Baglamukhi Chalisa?)

    Baglamukhi Chalisa का पाठ निम्नलिखित अवसरों पर विशेष फलदायी होता है:

    • प्रातःकाल (ब्रह्म मुहूर्त): सूर्योदय से पहले पाठ करने से माँ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
    • मंगलवार और शुक्रवार: माँ बगलामुखी की पूजा के लिए ये दोनों दिन शुभ माने जाते हैं।
    • नवरात्रि: नवरात्रि के नौ दिनों में Maa Baglamukhi Chalisa का पाठ करना अत्यंत पुण्यकारी है।
    • संकट के समय: न्यायालय विवाद, शत्रु बाधा, तंत्र-मंत्र का प्रभाव, या कोई बड़ी विपत्ति होने पर तुरंत यह चालीसा पढ़ें।
    • अष्टमी तिथि: प्रत्येक माह की अष्टमी को पाठ करना विशेष शुभ है।

    पाठ करते समय पीले वस्त्र धारण करें, पीले पुष्प और हल्दी माँ को अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं।

    Baglamukhi Chalisa Benefits – आध्यात्मिक और व्यावहारिक लाभ

    Baglamukhi Chalisa Benefits अनेक प्रकार के हैं। Shri Baglamukhi Chalisa में स्वयं माँ के जो गुण और शक्तियाँ बताई गई हैं, उन्हीं के अनुसार नियमित पाठ से निम्न लाभ प्राप्त होते हैं:

    1. शत्रु स्तम्भन और बाधा से मुक्ति चौपाई 12 के अनुसार माँ दुष्ट शत्रुओं को स्तम्भित, कीलित और उच्चाटित करती हैं। Maa Baglamukhi Chalisa का पाठ करने से शत्रुओं की शक्ति क्षीण होती है।

    2. न्यायालय विवाद में विजय चौपाई 23 में कहा गया है कि माँ का स्मरण करते ही राजद्वार बंद हो जाता है और सभा में स्तम्भन छा जाता है। मुकदमों में सफलता के लिए यह चालीसा विशेष लाभकारी है।

    3. वाणी सिद्धि और मानसिक शक्ति माँ बगलामुखी वाक् सिद्धि की देवी हैं। नियमित Baglamukhi Chalisa पाठ से वाणी में प्रभाव और बुद्धि में तीक्ष्णता आती है।

    4. भूत-प्रेत और तंत्र बाधा से सुरक्षा चौपाई 22 में स्पष्ट कहा गया है “ध्यान करत सब कष्ट नसावे, भूत प्रेत न बाधा आवे।” नकारात्मक शक्तियों और काले जादू (मूठ, अभिचारण) से पूर्ण सुरक्षा।

    5. धन, ऐश्वर्य और सुयश की प्राप्ति चौपाई 27 में कुबेर द्वारा माँ की सेवा और चौपाई 29 में यश, ऐश्वर्य और सिद्धि प्रदान करने का उल्लेख है।

    6. सर्व रोग नाश और आरोग्य चौपाई 25 के अनुसार माँ सर्व रोगों की नाशनहारी हैं। शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्ति के लिए पाठ करें।

    7. आपत्ति और विपत्ति से त्राण चौपाई 14 में माँ को “साधक के विपत्ति की त्राता” कहा गया है। जीवन के किसी भी संकट में माँ की शरण सबसे बड़ा उपाय है।

    Baglamukhi Chalisa PDF – डाउनलोड और उपयोग

    बहुत से भक्त Baglamukhi Chalisa PDF की खोज करते हैं ताकि वे इसे कहीं भी पढ़ सकें। इस चालीसा को पीले कागज पर छापकर पूजा स्थल पर रखें। PDF को मोबाइल या कंप्यूटर में सहेजकर प्रतिदिन पाठ करें।

    Baglamukhi Chalisa in Hindi में पढ़ना अत्यंत सरल है। जो भक्त हिंदी या देवनागरी लिपि नहीं पढ़ सकते, वे ऊपर दी गई English Transliteration का उपयोग करके भी इस चालीसा का पाठ कर सकते हैं और माँ की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

    PDF: Maa Baglamukhi Chalisa Pdf – सम्पूर्ण पाठ

    माँ बगलामुखी की पूजा विधि (Puja Vidhi)

    Shri Baglamukhi Chalisa का पाठ करने से पहले निम्न पूजा विधि का पालन करें:

    • स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें।
    • पूजा स्थान को शुद्ध करें।
    • माँ बगलामुखी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
    • पीले पुष्प (गेंदे के फूल), हल्दी, पीली मिठाई और पीले फल अर्पित करें।
    • घी का दीपक जलाएं।
    • माँ का बीज मंत्र “ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा” का जाप करें।
    • इसके बाद Maa Baglamukhi Chalisa का पाठ करें।
    • अंत में माँ से क्षमा याचना करें और आरती करें।

    निष्कर्ष (Conclusion)

    Maa Baglamukhi Chalisa माँ की असीम शक्ति, अपार करुणा और दिव्य कृपा का जीवंत प्रमाण है। यह Shri Baglamukhi Chalisa उन सभी भक्तों के लिए एक दिव्य सुरक्षा कवच है जो जीवन में किसी भी प्रकार की बाधा, शत्रुता या पीड़ा से गुजर रहे हैं।

    माँ बगलामुखी की इस प्रामाणिक चालीसा में उनके स्वरूप अमृत सागर में स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान, चन्द्र मुकुट से सुशोभित, त्रिनेत्री, मुद्गरधारी देवी का अत्यंत सुंदर और विस्तृत वर्णन किया गया है।

    Baglamukhi Chalisa का प्रत्येक छंद भक्त के हृदय में भक्ति, विश्वास और साहस का संचार करता है। यदि आप नियमित रूप से Maa Baglamukhi Chalisa का पाठ करते हैं चाहे हिंदी में हो या English Transliteration के माध्यम से तो माँ की कृपा से आपके जीवन के सभी कष्ट दूर होंगे, शत्रु निष्क्रिय होंगे और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होगा।

    माँ बगलामुखी के चरणों में कोटि-कोटि नमन।

    ॥ जय माँ बगलामुखी ॥
    ॥ जय पीताम्बरा माँ ॥

    ? FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    प्रश्न 1: Maa Baglamukhi Chalisa पढ़ने का सबसे अच्छा समय क्या है?

    उत्तर: प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पहले) और मंगलवार-शुक्रवार को यह चालीसा पढ़ना सबसे अधिक फलदायी है। नवरात्रि में इसका विशेष महत्व है।

    प्रश्न 2: Baglamukhi Chalisa कितनी बार पढ़नी चाहिए?

    उत्तर: सामान्य भक्ति के लिए प्रतिदिन एक बार पाठ पर्याप्त है। किसी विशेष कामना के लिए 11, 21 या 108 बार पाठ करने का विधान है। संकट के समय नियमित रूप से 40 दिन तक पाठ करें।

    प्रश्न 3: Baglamukhi Chalisa in Hindi कहाँ से पढ़ें?

    उत्तर: Baglamukhi Chalisa in Hindi इस आलेख में प्रामाणिक रूप से दी गई है। आप इसे यहाँ से पढ़ सकते हैं, प्रिंट कर सकते हैं या Baglamukhi Chalisa PDF के रूप में सहेज सकते हैं।

    प्रश्न 4: Baglamukhi Chalisa Benefits क्या हैं?

    उत्तर: Baglamukhi Chalisa Benefits में शत्रुओं से रक्षा, न्यायालय में विजय, वाणी सिद्धि, तंत्र-मंत्र से सुरक्षा, रोग नाश, धन-ऐश्वर्य की प्राप्ति और मानसिक शांति प्रमुख हैं।

    प्रश्न 5: क्या महिलाएं Maa Baglamukhi Chalisa पढ़ सकती हैं?

    उत्तर: हाँ, महिलाएं पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ Maa Baglamukhi Chalisa का पाठ कर सकती हैं। माँ बगलामुखी सभी भक्तों पर समान रूप से कृपा करती हैं।

    प्रश्न 6: Shri Baglamukhi Chalisa की English Transliteration क्यों उपयोगी है?

    उत्तर: जो भक्त हिंदी या देवनागरी लिपि नहीं पढ़ सकते, उनके लिए English Transliteration अत्यंत उपयोगी है। इसके माध्यम से वे भी शुद्ध उच्चारण के साथ माँ बगलामुखी की स्तुति कर सकते हैं और समस्त Baglamukhi Chalisa Benefits प्राप्त कर सकते हैं।

    🙏 इन मंत्रों और श्लोकों को भी पढ़ना न भूलें:

    • Maa Kalratri Mantra
    • Siddhidatri Mata Mantra
    • Neem Karoli Baba Mantra
    • Ugram Veeram Maha Vishnum Mantra
    • Navratri Havan Mantra
    • Aaj Ka Sankalp Mantra
    • Sai Kasht Nivaran Mantra
    • Bhojan Mantra in Sanskrit
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    • Budh Beej Mantra
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