हिंदू धर्म में Varahi Devi को एक अत्यंत शक्तिशाली और रहस्यमयी देवी के रूप में पूजा जाता है। वे सप्त मातृकाओं में से एक हैं और उनका स्वरूप वाराह (सूकर) के मुख वाला है, जो शक्ति, साहस और दिव्य संरक्षण का प्रतीक है। Varahi Mata भगवान विष्णु के वाराह अवतार की शक्ति हैं।
Varahi Moola Mantra उस बीज-शक्ति का संग्रह है जो Varahi Devi से संबंधित समस्त मंत्रों का सार समेटे हुए है। इस मंत्र में देवी के विभिन्न रूपों का आह्वान किया जाता है – जो शत्रुओं का दमन करती हैं, वाणी को स्तंभित करती हैं और भक्त को दुर्भाग्य से मुक्त करती हैं।
Varahi Mata को लक्ष्मी का ही एक रूप माना जाता है। जहाँ माँ लक्ष्मी धन-समृद्धि प्रदान करती हैं, वहीं Varahi Devi भक्त के जीवन से दुर्भाग्य और विघ्नों को दूर करती हैं। जो साधक सच्चे मन से इस Varahi Moola Mantra का पाठ करते हैं, उन्हें देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
Varahi Moola Mantra – सम्पूर्ण पाठ
Varahi Moola Mantra in English
Om Aim Hreem Shreem
Aim Gloum Aim
Namo Bhagavathi
Varthali Varthali
Varahi Varahi
Varahamuki Varahamuki
Anthe Anthini Namaha
Runthe Runthini Namaha
Jambe Jambini Namaha
Mohe Mohini Namaha
Sthambe Sthambini Namaha
Sarvadusta Pradustanaam Sarvesaam
Sarva Vaak Sidha Sakchur
Mukagathi Jihwa
Stambanam Kuru Kuru
Seegram Vasyam
Aim Gloum
Taha Taha Taha Taha
Hum Astraya Phat Swaha ||
इति श्री महा वाराही मूल मंत्र: ||
Varahi Moola Mantra in Hindi (हिंदी लिप्यंतरण)
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं
ऐं ग्लौं ऐं
नमो भगवती
वर्थली वर्थली
वाराही वाराही
वाराहमुखी वाराहमुखी
अन्थे अन्थिनी नमः
रुन्थे रुन्थिनी नमः
जम्बे जम्बिनी नमः
मोहे मोहिनी नमः
स्थम्बे स्थम्बिनी नमः
सर्वदुष्ट प्रदुष्टानां सर्वेषाम्
सर्व वाक् सिद्ध साक्षुर्
मुखागति जिह्वा
स्तम्भनं कुरु कुरु
शीघ्रं वश्यम्
ऐं ग्लौं
ठः ठः ठः ठः
हुं अस्त्राय फट् स्वाहा ||
Varahi Moola Mantra का शब्द-अर्थ | Word-by-Word Meaning
| मंत्र पद | अर्थ |
|---|---|
| Om | परब्रह्म का प्रणव बीज, सृष्टि का मूल नाद |
| Aim | सरस्वती बीज – ज्ञान और वाणी की शक्ति |
| Hreem | माया बीज – शक्ति का मूल स्वरूप |
| Shreem | लक्ष्मी बीज – समृद्धि और सौभाग्य |
| Gloum | वाराही का विशेष बीज मंत्र |
| Namo Bhagavathi | हे भगवती, आपको नमन है |
| Varthali Varthali | वर्तला रूप में विराजमान देवी का आह्वान |
| Varahi Varahi | वाराही स्वरूपा देवी का आह्वान |
| Varahamuki Varahamuki | वाराह मुख वाली देवी का आह्वान |
| Anthe Anthini Namaha | सीमाओं की देवी को नमन |
| Runthe Runthini Namaha | बाधाओं को नष्ट करने वाली को नमन |
| Jambe Jambini Namaha | जम्भ (नाश) करने वाली को नमन |
| Mohe Mohini Namaha | मोहिनी शक्ति को नमन |
| Sthambe Sthambini Namaha | स्तम्भन शक्ति को नमन |
| Sarvadusta Pradustanaam | सभी दुष्टों और अति दुष्टों का |
| Sarva Vaak Sidha Sakchur | समस्त वाणी-सिद्धि का नाश |
| Mukagathi Jihwa Stambanam | मुख, गति और जिह्वा को स्तंभित करो |
| Kuru Kuru | करो, करो (आज्ञा) |
| Seegram Vasyam | शीघ्र वशीभूत करो |
| Taha Taha Taha Taha | (शक्ति-संचरण के बीज) |
| Hum Astraya Phat | अस्त्र-शक्ति से नष्ट करो |
| Swaha | आहुति और समर्पण |
Varahi Moola Mantra का हिंदी अर्थ | Hindi Meaning
इस Varahi Mantra में भक्त Varahi Mata से प्रार्थना करता है –
“हे भगवती वाराही, आप सृष्टि की मूल शक्तियों से युक्त हैं। आपको बारम्बार नमन है। हे वाराहमुखी देवी, आप अपने भक्तों के शत्रुओं की वाणी, गति और कर्म को स्तंभित कर दीजिए। सभी दुष्टों की शक्ति को नष्ट कीजिए और मुझे शीघ्र अपने वश में लेकर संरक्षण प्रदान कीजिए। हे देवी, मैं आपके चरणों में सम्पूर्ण आत्म-समर्पण करता हूँ।”
Varahi Moola Mantra का आध्यात्मिक महत्व | Spiritual Significance
Varahi Devi को तांत्रिक शक्ति-परम्परा में अत्यंत गोपनीय और प्रभावशाली देवी माना गया है। उनकी उपासना विशेषतः दक्षिण भारत में प्रचलित है। Varahi Moola Mantra उनके समस्त मंत्रों का मूल स्रोत है।
इस मंत्र की विशेषता यह है कि इसमें अनेक बीज मंत्रों का संयोजन है। ऐं (सरस्वती बीज), ह्रीं (माया बीज), श्रीं (लक्ष्मी बीज) और ग्लौं (वाराही बीज) मिलकर एक अद्वितीय ऊर्जा क्षेत्र निर्मित करते हैं। यह Varahi Mantra न केवल बाहरी शत्रुओं से रक्षा करता है, बल्कि आंतरिक नकारात्मकता को भी दूर करता है।
Varahi Mata को “दण्डनाथा” भी कहा जाता है, अर्थात वे न्याय और दण्ड की अधिष्ठात्री हैं। उनका यह मंत्र अन्याय से पीड़ित भक्तों के लिए एक दिव्य कवच की तरह कार्य करता है।
Varahi Moola Mantra in Telugu | తెలుగులో వారాహీ మూల మంత్రం
ఓం ఐం హ్రీం శ్రీం
ఐం గ్లౌం ఐం
నమో భగవతి
వర్థలి వర్థలి
వారాహి వారాహి
వారాహముఖి వారాహముఖి
అంతే అంతిని నమః
రుంతే రుంతిని నమః
జంభే జంభిని నమః
మోహే మోహిని నమః
స్తంభే స్తంభిని నమః
సర్వదుష్ట ప్రదుష్టానాం సర్వేషాం
సర్వ వాక్ సిద్ధ సాక్షుర్
ముఖాగతి జిహ్వా
స్తంభనం కురు కురు
శీఘ్రం వశ్యమ్
ఐం గ్లౌం
ఠః ఠః ఠః ఠః
హుం అస్త్రాయ ఫట్ స్వాహా ||
ఇతి శ్రీ మహా వారాహీ మూల మంత్రః ||
Varahi Moola Mantra in Tamil | தமிழில் வாராஹீ மூல மந்திரம்
ஓம் ஐம் ஹ்ரீம் ஸ்ரீம்
ஐம் க்லௌம் ஐம்
நமோ பகவதி
வர்தலி வர்தலி
வாராஹி வாராஹி
வாராஹமுகி வாராஹமுகி
அந்தே அந்திணி நம:
ருந்தே ருந்திணி நம:
ஜம்பே ஜம்பிணி நம:
மோஹே மோஹிணி நம:
ஸ்தம்பே ஸ்தம்பிணி நம:
சர்வதுஷ்ட ப்ரதுஷ்டானாம் சர்வேஷாம்
சர்வ வாக் சித்த சாக்ஷுர்
முகாகதி ஜிஹ்வா
ஸ்தம்பனம் குரு குரு
சீக்ரம் வஸ்யம்
ஐம் க்லௌம்
ட: ட: ட: ட:
ஹும் அஸ்த்ராய பட் ஸ்வாஹா ||
இதி ஸ்ரீ மஹா வாராஹீ மூல மந்த்ர: ||
Varahi Moola Mantra का जप कब करें | When to Recite
इस Mantra के जप के लिए कुछ विशेष समय और परिस्थितियाँ अत्यंत शुभ मानी जाती हैं:
ब्रह्ममुहूर्त (Brahma Muhurta): Varahi Mata की उपासना ब्रह्ममुहूर्त में (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले) करने से सर्वोत्तम फल मिलता है। इस समय वातावरण शांत होता है और मन की एकाग्रता सरलता से प्राप्त होती है।
शुक्रवार और अष्टमी-चतुर्दशी: शुक्ति देवियों की उपासना के लिए शुक्रवार, अष्टमी और चतुर्दशी तिथि विशेष फलदायी मानी जाती हैं।
संकट के समय: जब जीवन में शत्रु-बाधा, कालसर्प दोष, अनिष्ट प्रभाव या दुर्भाग्य का अनुभव हो, तब Varahi Mantra का नियमित पाठ अत्यंत लाभकारी होता है।
48 दिन का अनुष्ठान: यदि भक्त 48 दिनों तक प्रतिदिन इस Mantra का पाठ करे और Varahi Mata को अनार और नींबू-चावल (lemon rice) का भोग अर्पण करे, तो देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
Varahi Moola Mantra Benefits | आध्यात्मिक लाभ
1. शत्रु-बाधा से मुक्ति
Varahi Moola Mantra का सबसे महत्वपूर्ण लाभ शत्रुओं से रक्षा है। यह मंत्र शत्रुओं की वाणी और कर्म को स्तंभित करता है।
2. कालसर्प दोष निवारण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार Varahi Devi की उपासना और Varahi Mantra का जप कालसर्प दोष तथा अन्य ग्रह-दोषों को दूर करने में सहायक होता है।
3. दुर्भाग्य नाश
Varahi Mata दुर्भाग्य और अनिष्ट को समाप्त करती हैं। उनका Varahi Moola Mantra जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।
4. मानसिक शांति और साहस
इस मंत्र के नियमित जप से मन में स्थिरता और साहस का संचार होता है। भक्त कठिन परिस्थितियों में भी विचलित नहीं होता।
5. नकारात्मक ऊर्जा से संरक्षण
Varahi Moola Mantra एक कवच की तरह कार्य करता है जो काली शक्तियों, बुरी नज़र और नकारात्मक प्रभावों से भक्त की रक्षा करता है।
6. वशीकरण और प्रभाव
यह Varahi Mantra भक्त को सामाजिक प्रभाव और लोगों पर सकारात्मक प्रभाव डालने की शक्ति प्रदान करता है।
7. आत्मिक उन्नति
Varahi Mata की भक्ति आत्मिक जागरण का मार्ग खोलती है। इनका मंत्र साधक को तांत्रिक ऊर्जा और आध्यात्मिक सिद्धि की दिशा में आगे ले जाता है।
जप विधि | How to Recite
Varahi Moola Mantra का जप इस प्रकार करें:
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें
- Varahi Mata की छवि या यंत्र के सामने बैठें
- दीपक और अगरबत्ती जलाएं
- Varahi Devi को अनार या नींबू-चावल (lemon rice) का भोग अर्पण करें
- एकाग्र मन से Mantra का जप करें – 3, 21 या 108 बार
- जप पूर्ण होने पर देवी से क्षमा-याचना और कृतज्ञता व्यक्त करें
निष्कर्ष | Conclusion
Varahi Moola Mantra Varahi Devi की शक्ति, करुणा और दिव्य संरक्षण का प्रतीक है। जो भक्त सच्चे मन से Varahi Mata की शरण लेते हैं और इस Varahi Mantra का नियमित पाठ करते हैं, उनके जीवन से दुर्भाग्य, शत्रु-बाधा और नकारात्मकता स्वतः दूर होने लगती है।
Varahi Moola Mantra in Hindi, Varahi Moola Mantra in Telugu, Varahi Moola Mantra in Tamil और Varahi Moola Mantra in English – किसी भी भाषा में पढ़ें, देवी की कृपा भाषा की सीमाओं से परे है। महत्वपूर्ण है भक्त का विश्वास और समर्पण।
माँ वाराही की असीम कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे।
जय माँ वाराही! जय Varahi Devi!
? FAQs – सामान्य प्रश्न
Q1. Varahi Moola Mantra क्या है?
यह Mantra, Varahi Devi से संबंधित समस्त मंत्रों का सार है और यह भक्त को शत्रुओं से रक्षा और दुर्भाग्य-नाश का आशीर्वाद देता है।
Q2. Varahi Moola Mantra कितनी बार जपना चाहिए?
इसे प्रतिदिन 3, 21 या 108 बार जपा जाना चाहिए। 48 दिन के नियमित अनुष्ठान से विशेष फल प्राप्त होता है।
Q3. Varahi Moola Mantra जपने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
ब्रह्ममुहूर्त (सूर्योदय से पहले) इस मंत्र के जप के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है।
Q4. क्या Varahi Moola Mantra कालसर्प दोष दूर करता है?
हाँ, Varahi Devi की उपासना और Varahi Mantra का जप कालसर्प दोष तथा अन्य ग्रह-बाधाओं के निवारण में सहायक माना जाता है।
Q5. Varahi Mata को कौन सा भोग चढ़ाएं?
Varahi Devi को अनार (pomegranate) और नींबू-चावल (lemon rice) का भोग विशेष प्रिय है।
Q6. क्या महिलाएं Varahi Moola Mantra का जप कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं भी पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ Mantra का जप कर सकती हैं। Varahi Mata सभी भक्तों पर समान कृपा करती हैं।
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