हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन (Mind) का कारक माना जाता है। शास्त्रों में चंद्र देव को शीतलता, भावनाओं, मातृत्व, स्मृति और मानसिक शांति का प्रतीक कहा गया है। नवग्रहों में चंद्रमा एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रह है — यह हमारी आंतरिक भावनाओं और मानसिक स्थिति को सीधे प्रभावित करता है।
जब जीवन में मानसिक अशांति, भावनात्मक असंतुलन, अनिद्रा या चंद्र दोष उत्पन्न होता है, तब Chandra Beej Mantra का जाप सबसे प्रभावशाली उपाय माना जाता है। यह मंत्र चंद्र देव की दिव्य ऊर्जा को जाग्रत करता है और साधक के जीवन में शांति, स्थिरता और कृपा का संचार करता है।
चंद्र देव की उपासना के लिए शास्त्रों में चार प्रमुख मंत्र बताए गए हैं — मूल मंत्र (Soma Mantra), Chandra Beej Mantra, Chandra Gayatri Mantra और Chandra Pranama Mantra। इस लेख में हम इन सभी मंत्रों का पूर्ण Sanskrit पाठ, सटीक अर्थ, जाप विधि, Chandra Beej Mantra Sankhya और Chandra Beej Mantra Benefits विस्तार से जानेंगे।
चंद्र देव का संक्षिप्त परिचय
चंद्रमा को “सोम” भी कहा जाता है। वे अमृत के स्वामी हैं और समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे। शिव जी के मस्तक पर चंद्र विराजते हैं, इसीलिए भगवान शिव का एक नाम चंद्रशेखर भी है।
वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा से संबंधित गुण हैं: मन, माँ, जल, भावना, कल्पना, सौंदर्य और सृजनात्मकता। जब कुंडली में चंद्र बलवान होता है, तो व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ, भावनात्मक रूप से संतुलित और जीवन में प्रसन्न रहता है।
1. Chandra Moola Mantra (सोम मंत्र) — सरल दैनिक मंत्र
यह चंद्र देव का सबसे सरल और संक्षिप्त मंत्र है। जो लोग प्रतिदिन सहजता से जाप करना चाहते हैं, उनके लिए यह मंत्र उत्तम है।
मूल मंत्र (Sanskrit)
ॐ सोम सोमाय नमः
“Om Soma Somaya Namah”
शब्द अर्थ (Word Meaning)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| ॐ (Om) | परमात्मा की मूल ध्वनि, ब्रह्मांड का आदि नाद |
| सोम (Soma) | चंद्रमा का दूसरा नाम — अमृत, शीतलता और सौम्यता का प्रतीक |
| सोमाय (Somaya) | सोम के लिए (चतुर्थी विभक्ति) |
| नमः (Namah) | मैं नमन करता/करती हूँ |
सरल हिंदी अर्थ
“हे सोम (चंद्र देव)! मैं आपको श्रद्धापूर्वक नमस्कार करता/करती हूँ।”
यह मंत्र संक्षिप्त, शुद्ध और अत्यंत प्रभावशाली है। बच्चों और नए साधकों के लिए यह आदर्श है।
2. Chandra Beej Mantra — ग्रह दोष निवारण का मुख्य मंत्र
Chandra Beej Mantra नवग्रह साधना में सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला मंत्र है। यह चंद्र ग्रह के दोष निवारण और उनकी शक्ति को जाग्रत करने के लिए शास्त्रों में विशेष रूप से विहित है।
मूल मंत्र — प्राथमिक रूप (Primary Form)
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
“Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandraya Namah”
वैकल्पिक रूप (Alternative Form — equally authentic)
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
“Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandramase Namah”
📝 नोट: दोनों रूप प्रामाणिक हैं। “चन्द्राय” और “चन्द्रमसे” — दोनों चंद्रमा को संबोधित करते हैं। किसी भी एक रूप का नियमित जाप किया जा सकता है।
Chandra Beej Mantra Meaning – शब्द अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| ॐ (Om) | परमात्मा की मूल ध्वनि — सृष्टि का आदि नाद |
| श्रां (Shraam) | चंद्र शक्ति का प्रथम बीज — शुद्धता और शांति का प्रतीक |
| श्रीं (Shreem) | सौम्यता, लक्ष्मी और कृपा का बीज |
| श्रौं (Shraum) | चंद्र की पूर्ण ऊर्जा का तीसरा बीज — भावनात्मक संतुलन का द्योतक |
| सः (Sah) | “वह” — चंद्र देव की ओर संकेत |
| चन्द्राय / चन्द्रमसे | चंद्रमा के लिए (चतुर्थी विभक्ति) |
| नमः (Namah) | मैं नमन करता/करती हूँ |
Chandra Beej Mantra Meaning – सरल हिंदी अर्थ
“हे चंद्र देव! बीज ध्वनियों श्रां, श्रीं, श्रौं के माध्यम से मैं आपकी संपूर्ण चंद्र-शक्ति का आह्वान करते हुए आपको सादर प्रणाम करता/करती हूँ। कृपया मेरे मन को शांत करें और अपनी शीतल कृपा प्रदान करें।”
Chandra Beej Mantra in English
“Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandraya Namah”
Simple English Meaning: “Salutations to Chandra (the Moon) through the powerful seed syllables Shraam, Shreem, Shraum that carry the complete lunar energy. O Moon God, please bless me with peace, emotional balance, and your divine grace.”
Chandra Beej Mantra in Hindi
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
हिंदी भावार्थ: “हे चंद्र देव! मैं आपकी बीज ध्वनियों के साथ आपको प्रणाम करता/करती हूँ। कृपया मेरे मन को शीतलता, शांति और भावनात्मक स्थिरता प्रदान करें।”
Chandra Beej Mantra in Kannada
ಕನ್ನಡದಲ್ಲಿ Chandra Beej Mantra in Kannada:
“ಓಂ ಶ್ರಾಂ ಶ್ರೀಂ ಶ್ರೌಂ ಸಃ ಚಂದ್ರಾಯ ನಮಃ”
ಕನ್ನಡ ಅರ್ಥ: “ಹೇ ಚಂದ್ರ ದೇವರೇ, ಬೀಜ ಮಂತ್ರಗಳ ಮೂಲಕ ನಾನು ನಿಮಗೆ ನಮಸ್ಕರಿಸುತ್ತೇನೆ. ದಯವಿಟ್ಟು ನನ್ನ ಮನಸ್ಸಿಗೆ ಶಾಂತಿ ಮತ್ತು ಭಾವನಾತ್ಮಕ ಸ್ಥಿರತೆಯನ್ನು ನೀಡಿ.”
Chandra Beej Mantra in Telugu
తెలుగులో Chandra Beej Mantra in Telugu:
“ఓం శ్రాం శ్రీం శ్రౌం సః చంద్రాయ నమః”
తెలుగు అర్థం: “హే చంద్ర దేవుడా, బీజ ధ్వనుల ద్వారా నేను మీకు నమస్కరిస్తున్నాను. దయచేసి నా మనస్సుకు శాంతిని మరియు భావోద్వేగ స్థిరత్వాన్ని ప్రసాదించండి.”
Chandra Beej Mantra in Bengali
বাংলায় Chandra Beej Mantra in Bengali:
“ওঁ শ্রাং শ্রীং শ্রৌং সঃ চন্দ্রায় নমঃ”
বাংলা অর্থ: “হে চন্দ্র দেব, বীজ ধ্বনিগুলির মাধ্যমে আমি আপনাকে প্রণাম করি। দয়া করে আমার মনে শান্তি এবং আবেগময় স্থিরতা দান করুন।”

3. Chandra Gayatri Mantra — बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति हेतु
Chandra Gayatri Mantra चंद्र देव की स्तुति का विस्तृत रूप है। यह मंत्र बुद्धि, स्मृति और एकाग्रता को बढ़ाने के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।
रूप 1 (Common Version 1)
ॐ अमृताङ्गाय विद्महे कलारूपाय धीमहि। तन्नः सोमः प्रचोदयात्॥
Om Amritangaya Vidmahe Kalarupaya Dhimahi Tannah Somah Prachodayat
रूप 2 — अधिक प्रचलित (Widely Used Version)
ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि। तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात्॥
Om Kshiraputraya Vidmahe Amritatattvaya Dhimahi Tanno Chandrah Prachodayat
शब्द अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अमृताङ्गाय (Amritangaya) | जिनका शरीर अमृत समान है — चंद्र देव |
| क्षीरपुत्राय (Kshiraputraya) | क्षीर सागर (दूध के समुद्र) के पुत्र |
| विद्महे (Vidmahe) | हम जानते हैं / हम ध्यान करते हैं |
| कलारूपाय (Kalarupaya) | जो कलाओं के स्वरूप हैं |
| अमृततत्त्वाय (Amritatattvaya) | अमृत के तत्व स्वरूप |
| धीमहि (Dhimahi) | हम ध्यान करते हैं |
| तन्नः सोमः / चन्द्रः (Tannah Somah / Chandrah) | वह सोम / चंद्र देव |
| प्रचोदयात् (Prachodayat) | हमारी बुद्धि को प्रेरित करें |
सरल हिंदी अर्थ
“हम क्षीर सागर के पुत्र चंद्र देव का — जो अमृत के तत्व स्वरूप हैं — ध्यान करते हैं। वे सोम / चंद्र देव हमारी बुद्धि और मन को प्रेरित एवं प्रकाशित करें।”
4. Chandra Pranama Mantra / Stotra — प्रणाम और स्तुति मंत्र
यह मंत्र चंद्र देव को प्रणाम करने और उनकी स्तुति करने के लिए है। इसे विशेष रूप से पूजा, उपासना और चंद्र दर्शन के समय पढ़ा जाता है।
मूल मंत्र (Sanskrit)
ॐ दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम्।
नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्॥
Om Dadhishankha Tusharabham Kshirodarnava Sambhavam
Namami Shashinam Somam Shambhormukuta Bhushanam
शब्द अर्थ (Word Meaning)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| दधि (Dadhi) | दही — श्वेत वर्ण का प्रतीक |
| शंख (Shankha) | शंख — श्वेत और पवित्रता का प्रतीक |
| तुषाराभं (Tusharabham) | बर्फ के समान श्वेत आभा वाले |
| क्षीरोदार्णवसंभवम् (Kshirodarnava Sambhavam) | क्षीर सागर (दूध के समुद्र) से उत्पन्न |
| नमामि (Namami) | मैं नमन करता/करती हूँ |
| शशिनं (Shashinam) | शशि — चंद्रमा को |
| सोमं (Somam) | सोम — चंद्रमा का दूसरा नाम |
| शम्भोर्मुकुटभूषणम् (Shambhormukuta Bhushanam) | शिव जी के मुकुट को सुशोभित करने वाले |
Chandra Pranama Mantra Meaning – सरल हिंदी अर्थ
“मैं उन चंद्र देव को प्रणाम करता/करती हूँ जो दही, शंख और हिम के समान श्वेत आभा से युक्त हैं, जो क्षीर सागर से प्रकट हुए हैं और जो भगवान शिव के मुकुट को सुशोभित करते हैं।”
यह मंत्र चंद्रमा के स्वरूप का अत्यंत सुंदर और काव्यात्मक वर्णन है। “दधिशंख तुषाराभं” — यह तीन उपमाएँ चंद्रमा की श्वेत, शीतल और पवित्र प्रकृति को दर्शाती हैं।
मंत्रों का आध्यात्मिक महत्व (Spiritual Explanation)
Chandra Beej Mantra और चंद्र के सभी मंत्र केवल शाब्दिक रचनाएँ नहीं हैं — ये दिव्य ध्वनि-विज्ञान हैं। वैदिक तंत्र और ज्योतिष परंपरा के अनुसार, प्रत्येक ग्रह की एक विशेष बीज ध्वनि होती है जो उस ग्रह की संपूर्ण ऊर्जा को अपने में समेटे रहती है।
जब इन ध्वनियों का श्रद्धा और एकाग्रता के साथ उच्चारण किया जाता है, तो वे साधक के जीवन में उस ग्रह की दिव्य शक्ति को सक्रिय कर देती हैं।
Chandra Beej Mantra में श्रां, श्रीं, श्रौं — ये तीन बीज ध्वनियाँ मिलकर चंद्र देव की संपूर्ण शक्ति का आह्वान करती हैं। “श्री” बीज विशेष रूप से सौम्यता और कृपा का प्रतीक है। “सोम” नाम चंद्रमा की अमृत-शक्ति को दर्शाता है।
Chandra Pranama Mantra में चंद्र देव का स्वरूप वर्णन करते हुए उन्हें शिव-मुकुट-भूषण कहा गया है — यह मंत्र भक्ति, समर्पण और श्रद्धा का भाव जाग्रत करता है।
Chandra Beej Mantra Jaap – जाप कब और कैसे करें?
Chandra Beej Mantra Jaap के लिए उचित समय, विधि और अवसर:
- सर्वोत्तम समय: सोमवार को प्रातःकाल, ब्रह्म मुहूर्त में या सूर्योदय के समय
- रात्रि जाप: चंद्र देव रात्रि के स्वामी हैं — रात्रि को चंद्र दर्शन के समय जाप करना विशेष फलदायी है
- पूर्णिमा: पूर्णिमा की रात्रि को चंद्र शक्ति अपने चरम पर होती है — इस दिन Chandra Beej Mantra Jaap का विशेष महत्व है
- सोमवार व्रत: प्रत्येक सोमवार को व्रत के साथ जाप से शीघ्र फल मिलता है
- चंद्र दशा काल: जब कुंडली में चंद्र की महादशा, अंतर्दशा, या साढ़े साती चल रही हो
- मानसिक अशांति में: जब मन अत्यंत चंचल हो, भावनाएँ अनियंत्रित हों या नींद न आए
जाप हेतु पूजा सामग्री: सफेद फूल (चमेली, सफेद कमल), कच्चा दूध, श्वेत चंदन, अक्षत (चावल), और सफेद वस्त्र।
माला: रुद्राक्ष माला या स्फटिक (Crystal) माला से जाप सर्वोत्तम माना जाता है। सफेद आसन पर उत्तर या पूर्व दिशा में मुख करके बैठें।
Chandra Beej Mantra Sankhya – जाप की संख्या
Chandra Beej Mantra Sankhya शास्त्रों के अनुसार:
| उद्देश्य | जाप संख्या |
|---|---|
| दैनिक साधना | 108 बार (एक माला) |
| विशेष अनुष्ठान | 11,000 बार (11 दिनों में) |
| पूर्ण सिद्धि हेतु | एक लाख (1,00,000) बार |
| सोमवार / पूर्णिमा विशेष | 27 बार या 54 बार |
27 संख्या का विशेष महत्व है क्योंकि 27 नक्षत्र चंद्रमा के ही प्रतीक हैं।
Chandra Beej Mantra Benefits – आध्यात्मिक और मानसिक लाभ
Chandra Beej Mantra Benefits — चंद्र देव के सभी मंत्रों के नियमित जाप से प्राप्त होने वाले लाभ:
🌙 मानसिक शांति
Chandra Beej Mantra मन की चंचलता को शांत करता है। नियमित जाप से तनाव, चिंता और बेचैनी दूर होती है।
💙 भावनात्मक संतुलन
चंद्र देव भावनाओं के स्वामी हैं। इस मंत्र के जाप से भावनात्मक उतार-चढ़ाव कम होता है और जीवन में स्थिरता आती है।
😴 नींद में सुधार
अनिद्रा से पीड़ित लोगों के लिए सोने से पूर्व Chandra Beej Mantra का जाप अत्यंत लाभकारी है।
🌟 सृजनात्मकता और कल्पना शक्ति
चंद्रमा कल्पना, संगीत, कविता और कला का कारक है। इस मंत्र के जाप से सृजनात्मक क्षमता में वृद्धि होती है।
🤍 मातृशक्ति का आशीर्वाद
चंद्र देव मातृत्व के प्रतीक हैं। यह मंत्र जीवन में माँ के समान शीतल स्नेह और आशीर्वाद को आमंत्रित करता है।
🔵 चंद्र दोष निवारण
कुंडली में चंद्र यदि कमज़ोर हो, तो Chandra Beej Mantra का नियमित जाप चंद्र दोष को शांत करता है और ग्रह बल बढ़ाता है।
✨ सकारात्मकता और प्रसन्नता
यह मंत्र जीवन में सकारात्मकता, उत्साह और प्रसन्नता का संचार करता है। साधक का मन निर्मल और प्रफुल्लित रहता है।
🌊 स्मृति और एकाग्रता
Chandra Gayatri Mantra विशेष रूप से बुद्धि और स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक है — छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी।
🕉️ आत्मिक शुद्धि
Chandra Pranama Mantra का पाठ साधक को शिव-भक्ति से जोड़ता है और आत्मिक शुद्धि प्रदान करता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
चंद्र देव की उपासना के ये चारों मंत्र — सोम मंत्र, Chandra Beej Mantra, Chandra Gayatri और Chandra Pranama — एक ही दिव्य शक्ति के चार पहलू हैं। सोम मंत्र सरलता से प्रारंभ करने के लिए, Chandra Beej Mantra ग्रह दोष निवारण के लिए, Gayatri Mantra बुद्धि और ज्ञान के लिए, और Pranama Mantra शिव-भक्ति के साथ चंद्र-स्तुति के लिए।
जिस प्रकार चंद्रमा की शीतल चाँदनी सम्पूर्ण सृष्टि को एक समान प्रकाश देती है, उसी प्रकार ये मंत्र बिना भेद के सभी साधकों को शांति, स्नेह और कृपा प्रदान करते हैं।
Chandra Beej Mantra in Hindi, Chandra Beej Mantra in English, Chandra Beej Mantra in Telugu, Chandra Beej Mantra in Kannada या Chandra Beej Mantra in Bengali — जिस भी भाषा में जाप करें, श्रद्धा और एकाग्रता के साथ किया गया जाप सदैव फलदायी होता है।
चंद्र देव की कृपा से आपका मन सदा शांत, जीवन प्रसन्न और हृदय पवित्र रहे। 🌙
? FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: Chandra Beej Mantra Meaning क्या है?
उत्तर: Chandra Beej Mantra — ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः — का अर्थ है: “हे चंद्र देव! बीज ध्वनियों श्रां, श्रीं, श्रौं के माध्यम से आपकी चंद्र-शक्ति का आह्वान करते हुए मैं आपको प्रणाम करता/करती हूँ।” यह मंत्र चंद्र देव की संपूर्ण दिव्य ऊर्जा को एक संक्षिप्त रूप में समेटे हुए है।
प्रश्न 2: Chandra Beej Mantra Jaap कितनी बार करना चाहिए?
उत्तर: सामान्य दैनिक Chandra Beej Mantra Jaap के लिए 108 बार (एक माला) करना उत्तम है। विशेष अनुष्ठान में 11,000 बार और पूर्ण सिद्धि के लिए एक लाख बार जाप का विधान है। पूर्णिमा और सोमवार को कम से कम 27 बार अवश्य जाप करें।
प्रश्न 3: Chandra Beej Mantra के क्या Benefits हैं?
उत्तर: Chandra Beej Mantra Benefits में मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, नींद में सुधार, स्मरण शक्ति में वृद्धि, मातृशक्ति का आशीर्वाद, चंद्र दोष निवारण, सृजनात्मकता और जीवन में सकारात्मकता शामिल हैं।
प्रश्न 4: Chandra Beej Mantra Sankhya क्या है?
उत्तर: Chandra Beej Mantra Sankhya शास्त्रों के अनुसार — दैनिक जाप के लिए 108, सोमवार/पूर्णिमा पर 27 या 54, विशेष अनुष्ठान के लिए 11,000 और पूर्ण सिद्धि हेतु एक लाख (1,00,000) है।
प्रश्न 5: Chandra Beej Mantra के कितने रूप हैं?
उत्तर: “चन्द्राय” और “चन्द्रमसे” — दोनों रूप प्रामाणिक हैं। ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः प्राथमिक रूप है जो ग्रह उपाय में सर्वाधिक प्रयोग होता है। दोनों में से किसी एक को चुनकर नियमित जाप करें।
प्रश्न 6: क्या Chandra Beej Mantra सभी लोग जप सकते हैं?
उत्तर: हाँ, Chandra Beej Mantra एक सार्वभौमिक मंत्र है जिसे कोई भी स्त्री, पुरुष या बालक श्रद्धापूर्वक जाप कर सकता है। विशेषकर वे लोग जिनकी कुंडली में चंद्र कमज़ोर है या जो मानसिक तनाव, अनिद्रा और भावनात्मक अस्थिरता से पीड़ित हैं, उनके लिए यह मंत्र विशेष लाभकारी है।
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