हमारे जीवन पर नौ ग्रहों सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु का अत्यंत गहरा प्रभाव पड़ता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ये नौ ग्रह हमारे स्वास्थ्य, भाग्य, धन, संबंध और जीवन की दिशा को प्रभावित करते हैं। जब इनमें से कोई ग्रह अशुभ स्थिति में हो, तो जीवन में बाधाएँ, कष्ट और अशांति उत्पन्न होती है।
ऐसी स्थिति में Navgrah Mantra का जाप एक अत्यंत प्रभावशाली उपाय है। नवग्रह मंत्र वे पवित्र बीज मंत्र हैं जिनके उच्चारण से नौ ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा शांत होती है और उनकी कृपा प्राप्त होती है। प्राचीन काल से ऋषि-मुनि, पंडित और साधक इन मंत्रों का नियमित जप करते आए हैं।
इस लेख में आप Navgrah Mantra in Hindi और Navgrah Mantra in Sanskrit के साथ प्रत्येक ग्रह के मंत्र का अर्थ, जप संख्या, सही समय और आध्यात्मिक लाभ जानेंगे। यदि आप Navgrah Mantra PDF की तलाश में हैं या Navgrah Mantra Jaap की विधि समझना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए पूर्ण मार्गदर्शिका है।
नवग्रह मंत्र क्या है? (What is Navgrah Mantra?)
नवग्रह मंत्र वे वैदिक बीज मंत्र हैं जो प्रत्येक ग्रह की विशेष ऊर्जा से जुड़े हैं। संस्कृत में “नव” का अर्थ है नौ और “ग्रह” का अर्थ है खगोलीय पिंड। इस प्रकार नवग्रह मंत्र यानी नौ ग्रहों के लिए नौ विशेष मंत्र।
ये मंत्र नवग्रह मंत्र संस्कृत में रचे गए हैं और इनमें प्रत्येक ग्रह के बीजाक्षर (Beej Akshara) समाहित हैं। इन बीजाक्षरों में असीम शक्ति निहित होती है। नियमित Navgrah Mantra Jaap से ग्रह दोषों का निवारण होता है, मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
सभी नवग्रह मंत्र – Navgrah Mantra in Sanskrit
🌞 १. सूर्य मंत्र (Surya Mantra)
नवग्रह मंत्र संस्कृत:
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नमः
Transliteration (अंग्रेज़ी उच्चारण):
Om Hraam Hreem Hraum Sah Suryaya Namah
शब्द अर्थ:
- ॐ = परमात्मा का प्रतीक
- ह्रां ह्रीं ह्रौं = सूर्य के बीज मंत्र
- स: = उस (दिव्य) के लिए
- सूर्याय = सूर्य देव को
- नमः = मेरा नमन है
सरल हिंदी अर्थ: हे सूर्यदेव! मैं आपको प्रणाम करता हूँ। कृपया मुझ पर अपनी कृपा दृष्टि रखें।
जप संख्या: 7,000
जप समय: सूर्योदय काल
🌙 २. चंद्र मंत्र (Chandra Mantra)
नवग्रह मंत्र संस्कृत:
ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्राय नमः
Transliteration:
Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandraya Namah
शब्द अर्थ:
- श्रां श्रीं श्रौं = चंद्रमा के बीज मंत्र
- चंद्राय = चंद्रदेव को
- नमः = मेरा नमन
सरल हिंदी अर्थ: हे चंद्रदेव! आपको मेरा नमन। मन को शांति और स्थिरता प्रदान करें।
जप संख्या: 11,000
जप समय: संध्याकाल
🔴 ३. मंगल मंत्र (Mangal Mantra)
नवग्रह मंत्र संस्कृत:
ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नमः
Transliteration:
Om Kraam Kreem Kraum Sah Bhaumaya Namah
शब्द अर्थ:
- क्रां क्रीं क्रौं = मंगल के बीज मंत्र
- भौमाय = भूमि-पुत्र मंगल को
सरल हिंदी अर्थ: हे मंगलदेव! मुझे साहस और शक्ति प्रदान करें, मेरे जीवन की बाधाएँ दूर करें।
जप संख्या: 10,000
जप समय: दिन का प्रथम प्रहर (सूर्योदय के बाद)
💚 ४. बुध मंत्र (Budha Mantra)
नवग्रह मंत्र संस्कृत:
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नमः
Transliteration:
Om Braam Breem Braum Sah Budhaya Namah
शब्द अर्थ:
- ब्रां ब्रीं ब्रौं = बुध के बीज मंत्र
- बुधाय = बुध देव को
सरल हिंदी अर्थ: हे बुधदेव! मुझे बुद्धि, विवेक और वाकपटुता का आशीर्वाद दें।
जप संख्या: 9,000
जप समय: मध्याह्न काल (दोपहर)
🟡 ५. बृहस्पति मंत्र (Brihaspati Mantra)
नवग्रह मंत्र संस्कृत:
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नमः
Transliteration:
Om Graam Greem Graum Sah Gurave Namah
शब्द अर्थ:
- ग्रां ग्रीं ग्रौं = बृहस्पति के बीज मंत्र
- गुरवे = गुरु (बृहस्पति) को
सरल हिंदी अर्थ: हे गुरुदेव बृहस्पति! मुझ पर कृपा करें, ज्ञान और आशीर्वाद की वर्षा करें।
जप संख्या: 19,000
जप समय: प्रात:काल (सूर्योदय से पहले या बाद)
⚪ ६. शुक्र मंत्र (Shukra Mantra)
नवग्रह मंत्र संस्कृत:
ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नमः
Transliteration:
Om Draam Dreem Draum Sah Shukraya Namah
शब्द अर्थ:
- द्रां द्रीं द्रौं = शुक्र के बीज मंत्र
- शुक्राय = शुक्रदेव को
सरल हिंदी अर्थ: हे शुक्रदेव! मेरे जीवन में सुख, सौंदर्य, प्रेम और समृद्धि का आगमन करें।
जप संख्या: 18,000
जप समय: ब्रह्म वेला (सूर्योदय से पूर्व)
🔵 ७. शनि मंत्र (Shani Mantra)
नवग्रह मंत्र संस्कृत:
ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नमः
Transliteration:
Om Praam Preem Praum Sah Shanaischaraya Namah
शब्द अर्थ:
- प्रां प्रीं प्रौं = शनि के बीज मंत्र
- शनैश्चराय = धीरे-धीरे चलने वाले शनिदेव को
सरल हिंदी अर्थ: हे शनिदेव! मेरे जीवन की बाधाएँ और कष्ट दूर करें, मुझ पर कृपा करें।
जप संख्या: 23,000
जप समय: संध्याकाल (शाम)
🟣 ८. राहु मंत्र (Rahu Mantra)
नवग्रह मंत्र संस्कृत:
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नमः
Transliteration:
Om Bhraam Bhreem Bhraum Sah Rahave Namah
शब्द अर्थ:
- भ्रां भ्रीं भ्रौं = राहु के बीज मंत्र
- राहवे = राहु को
सरल हिंदी अर्थ: हे राहु! मेरे जीवन में आने वाले भ्रम और अड़चनें दूर करें।
जप संख्या: 18,000
जप समय: रात्रिकाल
⚫ ९. केतु मंत्र (Ketu Mantra)
नवग्रह मंत्र संस्कृत:
ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: केतवे नमः
Transliteration:
Om Sraam Sreem Sraum Sah Ketave Namah
शब्द अर्थ:
- स्रां स्रीं स्रौं = केतु के बीज मंत्र
- केतवे = केतु को
सरल हिंदी अर्थ: हे केतु! मेरे जीवन की अज्ञानता और भय को दूर करें, मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करें।
जप संख्या: 17,000
जप समय: रात्रिकाल
नवग्रह मंत्र का आध्यात्मिक महत्व
Navgrah Mantra केवल शब्द नहीं हैं ये ब्रह्मांडीय ऊर्जा के वाहक हैं। जब हम इन मंत्रों का श्रद्धा और एकाग्रता के साथ जाप करते हैं, तो हमारी चेतना उस ग्रह की ऊर्जा से जुड़ जाती है। प्रत्येक नवग्रह मंत्र संस्कृत में विशेष ध्वनि कंपन (vibrations) उत्पन्न करता है जो हमारे शरीर, मन और आत्मा पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
वैदिक परंपरा में यह माना जाता है कि नौ ग्रहों का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है जन्म से मृत्यु तक। जब कोई ग्रह कुंडली में कमज़ोर हो या वक्री हो, तो उसके मंत्र का नियमित जाप उस दोष को शांत करता है।
नवग्रह मंत्र का जाप करने से व्यक्ति ग्रहों की अनुकूल ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह एक आत्म-शुद्धि की प्रक्रिया है जो भीतर से परिवर्तन लाती है।
Navgrah Mantra Jaap कब और कैसे करें?
Navgrah Mantra Jaap के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का पालन करें:
सर्वोत्तम समय:
- सूर्य के लिए – सूर्योदय काल
- चंद्रमा के लिए – संध्याकाल
- मंगल के लिए – प्रात:काल का प्रथम प्रहर
- बुध के लिए – मध्याह्न काल
- बृहस्पति के लिए – प्रात:काल
- शुक्र के लिए – ब्रह्म वेला
- शनि के लिए – संध्याकाल
- राहु और केतु के लिए – रात्रिकाल
जप विधि:
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- रुद्राक्ष माला या स्फटिक माला से जप करें।
- मन को शांत और एकाग्र रखें।
- जप के बाद भगवान से प्रार्थना करें।
विशेष अवसर:
- नवग्रह दोष होने पर
- ग्रहण (सूर्य या चंद्र) के समय
- नवग्रह शांति पूजा में
- शनि की साढ़े साती या ढैया के दौरान
- किसी ग्रह की महादशा में
यदि आप Navgrah Mantra PDF डाउनलोड करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए डाउनलोड लिंक के माध्यम से इसे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, बेहतर विधि और सही उच्चारण के लिए अपने नजदीकी मंदिर या किसी विद्वान पंडित से मार्गदर्शन लेना भी लाभकारी माना जाता है।
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Navgrah Mantra के आध्यात्मिक और मानसिक लाभ
नवग्रह मंत्र के नियमित जप से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं:
मानसिक लाभ:
- मन की शांति और स्थिरता
- चिंता, भय और तनाव से मुक्ति
- आत्मविश्वास में वृद्धि
- एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है
आध्यात्मिक लाभ:
- ग्रह दोषों का निवारण
- कर्म शुद्धि
- ईश्वर के प्रति समर्पण और भक्ति में वृद्धि
- आत्मिक उन्नति
जीवन में व्यावहारिक लाभ:
- स्वास्थ्य में सुधार (सूर्य और चंद्र मंत्र)
- व्यापार और धन में वृद्धि (बृहस्पति और शुक्र मंत्र)
- शत्रुओं से रक्षा (मंगल मंत्र)
- बुद्धि और वाणी का विकास (बुध मंत्र)
- न्यायिक मामलों में सफलता (शनि मंत्र)
- राहु-केतु के दुष्प्रभाव से रक्षा
प्रत्येक Navgrah Mantra एक विशेष कवच की तरह कार्य करता है जो साधक को उस ग्रह के नकारात्मक प्रभावों से बचाता है।
नवग्रह जप संख्या सारणी (Navgrah Mantra Jaap Count Table)
| ग्रह | Navgrah Mantra in Hindi | जप संख्या | जप समय |
|---|---|---|---|
| सूर्य | ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नमः | 7,000 | सूर्योदय काल |
| चंद्रमा | ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्राय नमः | 11,000 | संध्याकाल |
| मंगल | ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नमः | 10,000 | प्रथम प्रहर |
| बुध | ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नमः | 9,000 | मध्याह्न |
| बृहस्पति | ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नमः | 19,000 | प्रात:काल |
| शुक्र | ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नमः | 18,000 | ब्रह्म वेला |
| शनि | ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नमः | 23,000 | संध्याकाल |
| राहु | ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नमः | 18,000 | रात्रिकाल |
| केतु | ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: केतवे नमः | 17,000 | रात्रिकाल |
निष्कर्ष (Conclusion)
नवग्रह मंत्र हमारी वैदिक परंपरा की वह अनमोल धरोहर है जो सदियों से मनुष्य को ग्रहों के अशुभ प्रभाव से बचाती आई है। इन मंत्रों में न केवल ध्वनि की शक्ति है, बल्कि ईश्वर की कृपा और ऋषियों की साधना का आशीर्वाद भी समाहित है।
चाहे आप Navgrah Mantra in Hindi में जपें या Navgrah Mantra in Sanskrit में यदि आपके हृदय में भक्ति और श्रद्धा है, तो ये मंत्र अवश्य फलीभूत होते हैं। Navgrah Mantra Jaap एक दिव्य यात्रा है भीतर से बाहर की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर।
नियमित रूप से इन मंत्रों का जाप करें, ईश्वर पर विश्वास रखें और अपने जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भरें।
🙏 ॐ नमः शिवाय – नवग्रह देवताओं को सादर प्रणाम 🙏
? FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. नवग्रह मंत्र क्या है और इसे क्यों पढ़ा जाता है?
Navgrah Mantra वे पवित्र बीज मंत्र हैं जो नौ ग्रहों सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु की शांति के लिए जपे जाते हैं। जब कोई ग्रह कुंडली में अशुभ हो तो उसका नवग्रह मंत्र जाप उसके दुष्प्रभाव को कम करता है।
Q2. Navgrah Mantra Jaap कितनी बार करना चाहिए?
प्रत्येक ग्रह की जप संख्या अलग-अलग है। सामान्यतः एक बार में 108 जप करके अनुष्ठान किया जाता है। यदि किसी विशेष ग्रह दोष की शांति करनी हो तो उपरोक्त तालिका में दी गई पूर्ण जप संख्या पूरी करनी होती है।
Q3. Navgrah Mantra in Hindi और Sanskrit में क्या अंतर है?
नवग्रह मंत्र मूलतः संस्कृत में रचे गए हैं। Navgrah Mantra in Hindi उन्हीं मंत्रों को हिंदी लिपि में लिखने का तरीका है। दोनों का उच्चारण और अर्थ एक ही है। नवग्रह मंत्र संस्कृत में जप करना अधिक शक्तिशाली माना जाता है।
Q4. क्या सभी नौ नवग्रह मंत्र एक साथ जपे जा सकते हैं?
हाँ, नवग्रह शांति पूजा में सभी नौ मंत्र एक साथ जपे जाते हैं। इसे नवग्रह मंत्र जाप अनुष्ठान कहते हैं। यह विशेष रूप से ग्रहण काल, नए घर में प्रवेश से पहले या किसी बड़े कार्य के आरंभ से पहले किया जाता है।
Q5. क्या महिलाएँ नवग्रह मंत्र का जाप कर सकती हैं?
हाँ, पुरुष और महिलाएँ दोनों Navgrah Mantra का जाप कर सकते हैं। इसके लिए कोई लिंग-आधारित प्रतिबंध नहीं है। आवश्यक है कि जाप श्रद्धा, पवित्रता और एकाग्रता के साथ किया जाए।
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