Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Blessing Read
    • Home
    • Blessing
    • Daily Blessings
    • Good Blessings
    • Accounting
    • Bookkeeping
    • Contact Us
    Blessing Read
    Home » Mantras » Brihaspati Beej Mantra: अर्थ, महत्व, लाभ और Brihaspati Dev Ki Aarti
    Mantras

    Brihaspati Beej Mantra: अर्थ, महत्व, लाभ और Brihaspati Dev Ki Aarti

    RaviBy RaviAugust 21, 2026
    Brihaspati Beej Mantra

    हिन्दू धर्म में नवग्रहों का विशेष स्थान है। इनमें से बृहस्पति (Jupiter) को देवताओं का गुरु माना जाता है। वे ज्ञान, विद्या, धन, सौभाग्य और आध्यात्मिकता के देवता हैं। जो साधक बुद्धि, सफलता और समृद्धि की कामना रखते हैं, वे Brihaspati Beej Mantra का जप करते हैं।

    बीज मंत्र (Beej Mantra) संस्कृत के वे सूक्ष्म ध्वनि-बीज होते हैं जिनमें ब्रह्मांड की असीम शक्ति समाहित होती है। “बीज” का अर्थ है बीज — जैसे एक छोटे से बीज से विशाल वृक्ष उत्पन्न होता है, उसी प्रकार Brihaspati Beej Mantra के जप से जीवन में ज्ञान, सौभाग्य और उन्नति का वृक्ष विकसित होता है।

    गुरुवार (बृहस्पतिवार) को भगवान बृहस्पति देव की पूजा, व्रत और Brihaspati Mantra का जप किया जाता है। इस दिन Brihaspati Dev Ki Aarti करने से भक्त को गुरु देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

    इस लेख में हम Brihaspati Beej Mantra का संपूर्ण परिचय, अर्थ, जप विधि, आध्यात्मिक महत्व, लाभ और Brihaspati Dev Ki Aarti प्रस्तुत कर रहे हैं।

    Table of Contents

    Toggle
    • बृहस्पति देव कौन हैं? (Who is Brihaspati Dev?)
    • Brihaspati Beej Mantra — संपूर्ण पाठ
      • बृहस्पति बीज मंत्र (Sanskrit Text)
      • Transliteration (अंग्रेज़ी उच्चारण)
      • शब्द-शब्द अर्थ (Word by Word Meaning)
      • सरल हिन्दी अर्थ
    • बृहस्पति मंत्र (Brihaspati Mantra) — अन्य महत्वपूर्ण मंत्र
      • बृहस्पति देव मंत्र
      • बृहस्पति नवग्रह मंत्र (Brihaspati Navagraha Mantra)
      • बृहस्पति गायत्री मंत्र (Brihaspati Gayatri Mantra)
      • पौराणिक मंत्र (Puranik Mantra)
    • Brihaspati Dev Ki Aarti — संपूर्ण आरती
      • Brihaspati Dev Ki Aarti का सरल अर्थ
    • आध्यात्मिक अर्थ और महत्व (Spiritual Meaning & Significance)
    • Brihaspati Beej Mantra का जप कब और कैसे करें?
      • सर्वोत्तम समय
      • जप विधि
      • विशेष परिस्थितियाँ
    • Brihaspati Beej Mantra के आध्यात्मिक और जीवन लाभ
      • 1. बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति
      • 2. आत्मविश्वास और आत्मबल
      • 3. व्यवसाय और करियर में उन्नति
      • 4. धन और सौभाग्य
      • 5. मानसिक शांति
      • 6. पापों से मुक्ति
      • 7. आध्यात्मिक उन्नति
      • 8. पीले वस्त्र का महत्व
    • पूजा सामग्री (Puja Samagri for Brihaspati Vrat)
    • निष्कर्ष (Conclusion)
    • ? FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
      • प्रश्न 1: Brihaspati Beej Mantra क्या है?
      • प्रश्न 2: Brihaspati Mantra का जप कितनी बार करना चाहिए?
      • प्रश्न 3: Brihaspati Dev Ki Aarti कब करें?
      • प्रश्न 4: Brihaspati Beej Mantra के जप से क्या लाभ मिलता है?
      • प्रश्न 5: क्या महिलाएं Brihaspati Mantra का जप कर सकती हैं?
      • प्रश्न 6: Brihaspati Beej Mantra जपते समय कौन सी दिशा में बैठें?

    बृहस्पति देव कौन हैं? (Who is Brihaspati Dev?)

    बृहस्पति देव को देवगुरु कहा जाता है — अर्थात् समस्त देवताओं के गुरु। वे भगवान विष्णु के परम भक्त और अंगिरा ऋषि के पुत्र हैं। ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को गुरु कहा जाता है।

    बृहस्पति देव निम्नलिखित गुणों के प्रतीक हैं:

    • ज्ञान और विद्या — वे विद्या के दाता हैं
    • धन और समृद्धि — जीवन में वैभव प्रदान करते हैं
    • भाग्य और सौभाग्य — भाग्य के कारक ग्रह हैं
    • धर्म और नैतिकता — सदाचार के प्रेरक हैं
    • आध्यात्मिकता और भक्ति — भक्त के हृदय को परमात्मा की ओर उन्मुख करते हैं

    ज्योतिष में बृहस्पति धनु और मीन राशि के स्वामी हैं। वे पेट और यकृत (liver) को प्रभावित करते हैं।

    Brihaspati Beej Mantra — संपूर्ण पाठ

    बृहस्पति बीज मंत्र (Sanskrit Text)

    ॐ बृं बृहस्पतये नमः।

    Transliteration (अंग्रेज़ी उच्चारण)

    Om Brim Brihaspataye Namah।

    शब्द-शब्द अर्थ (Word by Word Meaning)

    ॐ (Om) — ब्रह्मांड की मूल ध्वनि, परमात्मा का नाम

    बृं (Brim) — बृहस्पति का बीज अक्षर, उनकी शक्ति का प्रतीक

    बृहस्पतये (Brihaspataye) — बृहस्पति देव के लिए, उन्हें समर्पित

    नमः (Namah) — मैं नमन करता/करती हूँ, मैं आपको प्रणाम करता हूँ

    सरल हिन्दी अर्थ

    “हे बृहस्पति देव! मैं ब्रह्मांड की पवित्र ध्वनि ॐ के साथ आपके बीज मंत्र का उच्चारण करते हुए आपको प्रणाम करता/करती हूँ। आप मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें।”

    बृहस्पति मंत्र (Brihaspati Mantra) — अन्य महत्वपूर्ण मंत्र

    बृहस्पति देव मंत्र

    ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरूवे नमः॥

    Transliteration:

    Om Graam Greem Graum Sah Guruve Namah॥

    अर्थ:
    हे गुरु बृहस्पति! ग्रां, ग्रीं और ग्रौं — इन बीज ध्वनियों के साथ मैं आपको प्रणाम करता हूँ। आप मेरे जीवन में ज्ञान और सौभाग्य का प्रकाश फैलाएं।

    बृहस्पति नवग्रह मंत्र (Brihaspati Navagraha Mantra)

    देवानाञ्च ऋषीणाञ्च गुरुं काञ्चनसन्निभम्।
    बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्॥

    Transliteration:

    Devanam Ca Rishinam Gurum Kanchana-sannibham।
    Buddhi-bhutam Tri-lokesham Tam Namami Brihaspatim॥

    सरल हिन्दी अर्थ:
    मैं उन बृहस्पति देव को प्रणाम करता हूँ जो देवताओं और ऋषियों के गुरु हैं, जिनका वर्ण स्वर्ण के समान है, जो बुद्धि के स्वरूप हैं और तीनों लोकों के स्वामी हैं।

    बृहस्पति गायत्री मंत्र (Brihaspati Gayatri Mantra)

    ॐ सुराचार्याय विद्महे, सुरश्रेष्ठाय धीमहि।
    तन्नो गुरुः प्रचोदयात्॥

    Transliteration:

    Om Suraachaarya Vidmahe, Surasreshthaya Dhimahi।
    Tanno Guruh Prachodayat॥

    अर्थ:
    मैं देवताओं के आचार्य को जानता हूँ और देवताओं में श्रेष्ठ बृहस्पति का ध्यान करता हूँ। वे गुरु हमारी बुद्धि को प्रेरित करें और हमें सत्य के मार्ग पर ले जाएं।

    पौराणिक मंत्र (Puranik Mantra)

    ॐ गुरवे नमः।

    अर्थ: हे गुरु! मैं आपको नमन करता हूँ।

    Brihaspati Dev Ki Aarti — संपूर्ण आरती

    हिन्दू धर्म में बृहस्पति देव को सभी देवताओं का गुरु माना जाता है। गुरुवार के व्रत में बृहस्पति देव की आरती करने का विधान माना जाता है।

    श्री बृहस्पति देव की आरती इस प्रकार है:

    जय वृहस्पति देवा,
    ऊँ जय वृहस्पति देवा।
    छिन छिन भोग लगाऊँ,
    कदली फल मेवा॥

    ऊँ जय वृहस्पति देवा,
    जय वृहस्पति देवा॥

    तुम पूरण परमात्मा,
    तुम अन्तर्यामी।
    जगतपिता जगदीश्वर,
    तुम सबके स्वामी॥

    ऊँ जय वृहस्पति देवा,
    जय वृहस्पति देवा॥

    चरणामृत निज निर्मल,
    सब पातक हर्ता।
    सकल मनोरथ दायक,
    कृपा करो भर्ता॥

    ऊँ जय वृहस्पति देवा,
    जय वृहस्पति देवा॥

    तन, मन, धन अर्पण कर,
    जो जन शरण पड़े।
    प्रभु प्रकट तब होकर,
    आकर द्वार खड़े॥

    ऊँ जय वृहस्पति देवा,
    जय वृहस्पति देवा॥

    दीनदयाल दयानिधि,
    भक्तन हितकारी।
    पाप दोष सब हर्ता,
    भव बंधन हारी॥

    ऊँ जय वृहस्पति देवा,
    जय वृहस्पति देवा॥

    सकल मनोरथ दायक,
    सब संशय हारो।
    विषय विकार मिटाओ,
    संतन सुखकारी॥

    ऊँ जय वृहस्पति देवा,
    जय वृहस्पति देवा॥

    जो कोई आरती तेरी,
    प्रेम सहित गावे।
    जेठानन्द आनन्दकर,
    सो निश्चय पावे॥

    ऊँ जय वृहस्पति देवा,
    जय वृहस्पति देवा॥

    सब बोलो विष्णु भगवान की जय।
    बोलो वृहस्पतिदेव भगवान की जय॥

    Brihaspati Dev Ki Aarti का सरल अर्थ

    इस Brihaspati Dev Ki Aarti में भक्त देव गुरु बृहस्पति की स्तुति करते हुए कहते हैं:

    • “तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी” — आप पूर्ण परमात्मा हैं, आप सबके हृदय की बात जानते हैं।
    • “चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता” — आपके चरणों का अमृत पवित्र है और सभी पापों को नष्ट करने वाला है।
    • “सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता” — आप सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले हैं, हे प्रभु! हम पर कृपा करें।
    • “दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी” — आप दीनों पर दया करने वाले और भक्तों का कल्याण करने वाले हैं।

    आध्यात्मिक अर्थ और महत्व (Spiritual Meaning & Significance)

    Brihaspati Beej Mantra केवल एक मंत्र नहीं है — यह एक पवित्र ध्वनि-शक्ति है।

    • “बृं” बीजाक्षर बृहस्पति ग्रह की मूल ऊर्जा को जागृत करता है। जब हम इसे श्रद्धा और एकाग्रता के साथ उच्चारित करते हैं, तो हमारे मन-मस्तिष्क में एक विशेष कंपन उत्पन्न होता है।
    • बृहस्पति (Jupiter) भाग्य, धन, यश, सौभाग्य, भक्ति, ज्ञान, करुणा, आध्यात्मिकता, धर्म और नैतिकता का शुभ सूचक माना जाता है।
    • Brihaspati Mantra का नियमित जप मस्तिष्क को शांत करता है, बुद्धि को तीव्र बनाता है और व्यक्ति को सही निर्णय लेने की शक्ति देता है।
    • गुरु ग्रह की शुभ स्थिति जीवन में हर क्षेत्र में उन्नति लाती है — चाहे वह शिक्षा हो, व्यवसाय हो या पारिवारिक जीवन।

    Brihaspati Beej Mantra का जप कब और कैसे करें?

    सर्वोत्तम समय

    • गुरुवार (बृहस्पतिवार) — यह बृहस्पति देव का विशेष दिन है।
    • ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पहले) — यह जप के लिए सबसे उत्तम समय है।
    • सूर्योदय के समय — प्रातः काल जप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

    जप विधि

    1. गुरुवार को प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें।
    2. पूजा स्थान पर बृहस्पति देव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
    3. पीले फूल, केला, चने की दाल और गुड़ अर्पित करें।
    4. पीली माला (हल्दी या पुखराज माला) से Brihaspati Beej Mantra का जप करें।
    5. कुंडली में ग्रह के नकारात्मक प्रभाव को शांत करने के लिए प्रतिदिन 108 बार (एक माला) मंत्र का जप करना चाहिए।
    6. संपूर्ण जप 40 दिनों तक किया जा सकता है। विशेष रूप से यह मंत्र केले के पेड़ के सामने बैठकर जपने से अद्भुत परिणाम मिलते हैं।
    7. जप के पश्चात Brihaspati Dev Ki Aarti करें।

    विशेष परिस्थितियाँ

    • जब जीवन में शिक्षा में बाधाएं आ रही हों।
    • जब व्यवसाय या नौकरी में उन्नति रुकी हो।
    • जब कुंडली में गुरु दोष हो।
    • जब विवाह में देरी हो रही हो।
    • जब मन अशांत और भ्रमित हो।

    Brihaspati Beej Mantra के आध्यात्मिक और जीवन लाभ

    Brihaspati Mantra का जप करने से भक्तों को कई अत्यंत सकारात्मक लाभ प्राप्त होते हैं। इनमें प्रमुख हैं:

    1. बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति

    बृहस्पति ज्ञान और विद्या के देवता हैं। उनके Beej Mantra का जप मेधाशक्ति (स्मरणशक्ति) को बढ़ाता है और विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता दिलाता है।

    2. आत्मविश्वास और आत्मबल

    मंत्र जप से शारीरिक और मानसिक कल्याण, आत्मविश्वास तथा शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त होती है।

    3. व्यवसाय और करियर में उन्नति

    कार्यक्षेत्र में पदोन्नति, समस्त प्रयासों में सफलता तथा समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है।

    4. धन और सौभाग्य

    गुरु ग्रह की कृपा से जीवन में लक्ष्मी का वास होता है। ऋण मुक्ति और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है।

    5. मानसिक शांति

    मंत्र की पवित्र ध्वनि मन को शांत करती है। तनाव, चिंता और भय से मुक्ति मिलती है।

    6. पापों से मुक्ति

    Brihaspati Dev Ki Aarti में कहा गया है — “चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता” — अर्थात् बृहस्पति देव के आशीर्वाद से पाप-दोष का नाश होता है।

    7. आध्यात्मिक उन्नति

    मंत्र का जप श्रद्धा और दृढ़ संकल्प के साथ करना चाहिए। बिना भाव के किया गया जप उतना प्रभावशाली नहीं होता। श्रद्धापूर्वक जप से भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।

    8. पीले वस्त्र का महत्व

    नवग्रहों में बृहस्पति को पीत वस्त्र (पीला परिधान) पहने हुए दर्शाया जाता है। पीले वस्त्र धारण करने से बृहस्पति ग्रह से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

    पूजा सामग्री (Puja Samagri for Brihaspati Vrat)

    गुरुवार व्रत और Brihaspati Mantra जप के लिए निम्नलिखित सामग्री का उपयोग करें:

    पीले फूल — बृहस्पति देव को प्रिय

    केला — फल के रूप में अर्पित करें

    चने की दाल और गुड़ — प्रसाद के रूप में

    पीली हल्दी — शुभ मानी जाती है

    पुखराज माला — जप के लिए उत्तम

    घी का दीपक — ज्योति जलाएं

    पीले वस्त्र — स्वयं और देव को धारण करें

    निष्कर्ष (Conclusion)

    Brihaspati Beej Mantra — ॐ बृं बृहस्पतये नमः — यह एक ऐसी दिव्य ध्वनि है जो जीवन में ज्ञान, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का द्वार खोलती है।

    देवगुरु बृहस्पति की कृपा से साधक के जीवन में अज्ञान का अंधेरा दूर होता है और ज्ञान का प्रकाश फैलता है। Brihaspati Mantra का श्रद्धापूर्वक जप और गुरुवार को Brihaspati Dev Ki Aarti करने से भक्त के जीवन में सुख, शांति, सफलता और समृद्धि का आगमन होता है।

    जो भक्त पूर्ण विश्वास और निष्ठा के साथ देवगुरु बृहस्पति की उपासना करते हैं, उन पर उनकी असीम कृपा अवश्य बरसती है।

    🙏 ऊँ जय वृहस्पति देवा 🙏

    ? FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    प्रश्न 1: Brihaspati Beej Mantra क्या है?

    उत्तर: “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” — यह बृहस्पति देव का बीज मंत्र है। “बृं” उनका बीजाक्षर है। यह मंत्र उनकी दिव्य शक्ति को आह्वान करने का सबसे सरल और प्रभावशाली तरीका है।

    प्रश्न 2: Brihaspati Mantra का जप कितनी बार करना चाहिए?

    उत्तर: प्रतिदिन 108 बार (एक माला) Brihaspati Beej Mantra का जप करना शुभ माना जाता है। विशेष अनुष्ठान में इसे 40 दिनों तक नियमित रूप से किया जाता है।

    प्रश्न 3: Brihaspati Dev Ki Aarti कब करें?

    उत्तर: गुरुवार को संध्याकाल या प्रातःकाल पूजा के पश्चात Brihaspati Dev Ki Aarti करनी चाहिए। व्रत के दिन सायंकाल आरती करने का विशेष विधान है।

    प्रश्न 4: Brihaspati Beej Mantra के जप से क्या लाभ मिलता है?

    उत्तर: इस मंत्र के जप से बुद्धि तीव्र होती है, शिक्षा में सफलता मिलती है, व्यवसाय में उन्नति होती है, मानसिक शांति प्राप्त होती है और गुरु ग्रह के अशुभ प्रभावों से रक्षा होती है।

    प्रश्न 5: क्या महिलाएं Brihaspati Mantra का जप कर सकती हैं?

    उत्तर: हाँ, बिल्कुल। पुरुष और महिला दोनों समान रूप से श्रद्धा और पवित्रता के साथ Brihaspati Beej Mantra का जप कर सकते हैं। इसके लिए किसी विशेष दीक्षा की आवश्यकता नहीं है।

    प्रश्न 6: Brihaspati Beej Mantra जपते समय कौन सी दिशा में बैठें?

    उत्तर: उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना सर्वोत्तम माना जाता है। पीले आसन पर बैठकर, मन को एकाग्र करके जप करें।

    🙏 इन मंत्रों और श्लोकों को भी पढ़ना न भूलें:

    • Jagannath Ashtakam
    • Shree Suktam Path In Hindi
    • Raghavendra Swamy Mantra
    • Navarna Mantra
    • 16 Somvar Vrat Katha
    • Aparajita Stotram
    • Maa Skandamata Mantra
    • Dwadash Jyotirling Stotra
    • Sawan Somvar Vrat Katha
    • Hartalika Teej Vrat Katha
    • Ketu Beej Mantra
    • Prasanna Vadanam Shloka
    • Maa Chandraghanta Mantra
    • Shatru Nashak Mantra
    • Dhanvantri Mantra
    • Om Namah Parvati Pataye Har Har Mahadev Meaning In Hindi
    • Chandra Beej Mantra
    • Mahishasura Mardini Stotram
    • Devi Khadgamala Stotram

    📖 अगर आपको Suvichar & Quotes पसंद हैं, तो इनका पूरा संग्रह यहाँ देखें : Wisdom Suvichar

    benefits of brihaspati beej mantra brihaspati brihaspati aarti brihaspati beej mantra brihaspati beej mantra 108 times brihaspati beej mantra benefits brihaspati beej mantra english brihaspati beej mantra fast brihaspati beej mantra in english brihaspati beej mantra in hindi brihaspati beej mantra lyrics brihaspati bhagwan ki aarti brihaspati dev brihaspati dev ki aarti brihaspati dev ki katha brihaspati dev mantra brihaspati ji ki aarti brihaspati mantra brihaspati mantra in hindi brihaspati vrat katha aarti dev guru brihaspati beej mantra devguru brihaspati guru brihaspati guru brihaspati beej mantra guru brihaspati beej mantra in hindi guru brihaspati mantra ॐ बृं बृहस्पतये नमः बृहस्पति मंत्र

    Latest Post

    Adult

    Navigating the Adult Dating Scene: Finding Women for Men in Santa Maria

     Santa Maria is known for its amazing BBQ, beautiful farmland, and nearby Central Coast wine…

    How Penalty Runs Can Affect Cricket Betting Markets

    September 8, 2026

    Mahamrityunjaya Mantra: अर्थ, जाप, लाभ, पूजा और सही विधि

    September 8, 2026

    IV7 and the Future of Mobile Gaming: What Could Come Next

    September 7, 2026

    Buying Testosterone Online: A Practical Guide to Personalized TRT Care

    September 7, 2026

    MM9 Game Earning & Referral Program 2026 – Play & Earn Guide

    September 5, 2026

    Recent Post

    Navigating the Adult Dating Scene: Finding Women for Men in Santa Maria

    September 9, 2026

    How Penalty Runs Can Affect Cricket Betting Markets

    September 8, 2026

    Mahamrityunjaya Mantra: अर्थ, जाप, लाभ, पूजा और सही विधि

    September 8, 2026

    Most Popular

    IV7 and the Future of Mobile Gaming: What Could Come Next

    September 7, 2026

    Buying Testosterone Online: A Practical Guide to Personalized TRT Care

    September 7, 2026

    MM9 Game Earning & Referral Program 2026 – Play & Earn Guide

    September 5, 2026
    • Privacy Policy
    • Terms & Conditions
    • Disclaimer
    Copyright © 2026 All Right Reserved By Blessingread.com.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.